अब शिवराज के बिहार विरोधी बयान से मचा बवाल
शिवराज ने गुरुवार शाम सतना में आयोजित गरीब उत्थान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कहा था कि प्रदेश में इसी शर्त पर उद्योग स्थापित करने की अनुमति दी जाएगी कि वे स्थानीय लोगों को रोजगार देंगे। उन्होंने कहा कि ये नहीं होगा कि कारखाना लगे सतना में और नौकरी करने वाले आ जाएं बिहार से।
उन्होंने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में नए बिजली केंद्र और बड़ी संख्या में उद्योग धंधे स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी।
शिवराज के इस बयान पर पटना में संवाददाताओं से बातचीत में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री चौहान ने बिहारियों को नौकरी नहीं देने की बात में बड़े गंदे शब्दों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि चौहान का यह बयान संविधान के खिलाफ है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर भी निशाना साधते हुए लालू ने कहा कि भाजपा राष्ट्रवाद की बात करती है जबकि उसके मुख्यमंत्री क्षेत्रवाद की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस व्यक्तव्य के लिए मुख्यमंत्री चौहान को माफी मांगनी चाहिए।
लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष रामविलास पासवान ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "चौहान का यह बयान बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। वह व्यक्ति जो संवैधानिक पद पर बैठा हो, उसे ऐसा बयान नहीं देना चाहिए। उन्हें अपने पद से तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।"
बहरहाल, मामले को तूल पकड़ता देख शिवराज ने शुक्रवार शाम अपनी सफाई में कहा, "मैंने उत्तर प्रदेश-बिहार का नाम नहीं लिया। इस संबंध में जो खबरें चल रही हैं, वह असत्य है। हम सब भारत मां के लाल हैं। जिसने भी इस देश में जन्म लिया, सब भाई-भाई हैं। किसी के साथ भेदभाव का सवाल ही पैदा नहीं होता।"
उन्होंने कहा, "मैंने यह जरूर कहा था कि स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इसके लिए जरूरत पड़े तो स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण भी दिया जाना चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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