जन सरोकारों से जुड़ी थी प्रभाष जोशी की पत्रकारिता : वाजपेयी
वाजपेयी ने अपने शोक संदेश में कहा, "प्रभाष जोशी के निधन का समाचार जानकर मुझे बहुत दु:ख हुआ। जोशी पत्रकारिता की उस पीढ़ी के प्रतिनिधि थे, जो तमाम प्रवाहों के बावजूद आम आदमी, गांव-गंवई और भारतीय मिट्टी के सरोकारों से जुड़े रहे। उनकी लेखनी में भारत अभिव्यक्त होता था। पत्रकारिता सिर्फ उनका व्यवसाय नहीं था, अपितु सामाजिक सरोकार था। गांधीवादी आन्दोलन, भूदान आन्दोलन, दस्यू समर्पण और आपातकाल के विरुद्ध लोकतांत्रिक संघर्ष में उनका उल्लेखनीय योगदान रहा।"
उन्होंने कहा, "एक ऐसे जुझारू और लोक पत्रकार तथा अच्छे मित्र के निधन से मुझे गहरा आघात पहुंचा है। मैं दिवंगत आत्मा को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनके परिजनों व सहयोगियों को यह दु:ख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना करता हूं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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