आगरा को स्तन कैंसर मुक्त बनाने की योजना
आगरा, 5 नवंबर (आईएएनएस)। एक स्वयंसेवी संगठन 'वुमेन वैलनैस वर्ल्डवाइड' ने रोग का जल्दी पता लगाने और इलाज की तुरंत व्यवस्था के जरिए 2020 तक ताजमहल के शहर आगरा को स्तन कैंसर मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। देश में हर सातवें मिनट में स्तन कैंसर के एक नए मामले का पता चलता है। 21 भारतीय महिलाओं में से एक महिला इस बीमारी से पीड़ित होती है।
'वुमेन वैलनैस वर्ल्डवाइड' (डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू) की प्रवक्ता और जानी-मानी स्त्री-रोग विशेषज्ञ शिवानी चतुर्वेदी ने आईएएनएस से कहा, "भारत एक मूक स्तन कैंसर बम पर बैठा है। शहरी आबादी में इसके मामले बढ़ रहे हैं। वर्ष 2009 में स्तन कैंसर के 125,000 नए मामले देखे गए।"
उन्होंने कहा, "दु:ख की बात यह है कि ज्यादातर मामलों में जोखिम के कारक स्पष्ट नहीं हैं और इसे रोकने के लिए कोई टीका भी नहीं है। इसलिए रोग का जल्दी पता लगाकर ही इससे बचाव संभव है।"
चतुर्वेदी ने कहा, "वूमेन वैलनैस वर्ल्डवाइड की प्रवक्ता होने के नाते मैं कह सकती हूं हम रोग की जल्दी पहचान और मामले का पता चलने पर तुरंत शल्य चिकित्सा के प्रति जागरूकता फैलाकर इस बीमारी से निपटने के प्रति कृतसंकल्प हैं।"
उन्होंने कहा कि गरीब मरीजों के लिए शल्य चिकित्सा पूरी तरह से निशुल्क होगी। चतुर्वेदी ने कहा, "सपना और चुनौतियां बहुत बड़ी हैं लेकिन हमारा 2020 तक ताजमहल के शहर को स्तन कैंसर मुक्त बनाने का इरादा है।"
इस रोग के प्रति जागरूकता फैलाने और बीमारी का जल्दी पता लगाने के लिए शहर की हजारों स्वैच्छिक संस्थाओं से सम्पर्क किया गया है।
'नाशिक वैली कॉस्मेस्यूटिकल्स' की नई युक्ति 'ब्रैस्टलाइट' का उद्घाटन करते हुए जाने-माने होम्योपैथ चिकित्सक आर. एस. पारीक ने कहा, "महिलाओं को रोग की पहचान करने संबंधी शहर में उपलब्ध सुविधाओं और तथाकथित आधुनिक जीवनशैली के निहित खतरों के प्रति शिक्षित करके इस बीमारी की घटनाओं को कम करने में मदद मिलेगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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