वन अधिकार कार्यान्वयन संबंधी सम्मेलन सम्पन्न
प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिह ने कल अपने उद्घाटन भाषण में जनजातीय क्षेत्रों में सभी विकास और कल्याण कार्यक्रमों को सही दिशा दिए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि हमारी नीति सुसंगत हो और सरकार के सभी शामिल विभागों की समन्वित पहुंच हो। उन्होंने इस संबंध में शिक्षा और स्वास्थ्य का उल्लेख किया और कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में कृषि उत्पादकता में सुधार पर पर्याप्त ध्यान दिया जाना अति महत्वपूर्ण है।
जिन राज्यों ने अपने कार्यक्रमों पर प्रस्तुतियां दीं उनमें शामिल हैं- मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय, पर्यावरण और वन तथा पंचायती राज मंत्रालय ने अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या को लाभ पहुंचाने वाले अपने कार्यक्रमों में सामंजस्य स्थापित करने के लिए एक दूसरे को अपने-अपने विचारों से अवगत कराया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications