सर्वोच्च न्यायालय में रिलायंस गैस विवाद की सुनवाई नए सिरे से शुरू (लीड-1)
मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज के वकील हरीश साल्वे ने खंडपीठ के सामने पूरे मामले को रखा। उन्होंने विवाद की जड़ के बारे में खंडपीठ को 25 पृष्ठों का नोट भी सौंपा।
मामले की पहले सुनवाई कर रही खंडपीठ से न्यायाधीश आर. वी. रवींद्रन के अलग हो जाने के बाद प्रधान न्यायाधीश के.जी. बालाकृष्णन की अध्यक्षता में न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी और न्यायाधीश पी. सथशिवम की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने मामले की नए सिरे से सुनवाई शुरू की।
न्यायाधीश रवींद्रन ने बुधवार को कहा था कि उनकी बेटी रिलायंस इंडस्ट्रीज को वैश्विक अधिग्रहण में कानूनी सहायता उपलब्ध कराने वाली एक कंपनी से जुड़ी हुई है। ऐसे में वह मामले की सुनवाई से अपने आप को अलग करते हैं।
गुरुवार को सुनवाई के दौरान अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज के वकील राम जेठमलानी ने एक बार फिर तेल मंत्रालय पर मुकेश अंबानी का पक्ष लेने का आरोप लगाया। वहीं साल्वे ने कहा कि 2.34 डॉलर प्रति यूनिट पर गैस बेचना संभव नहीं है।
पारिवारिक समझौते के अनुसार अनिल अंबानी समूह 17 वर्षो तक 2.34 डॉलर प्रति यूनिट की दर से प्रतिदिन 2.8 करोड़ यूनिट गैस की आपूर्ति चाहता है। परंतु मुकेश अंबानी समूह का कहना है कि वह केवल सरकार द्वारा तय 4.20 डॉलर प्रति यूनिट की दर से गैस आपूर्ति कर सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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