सशस्त्र संघर्षो के दौरान पर्यावरण बचाएं : मून
मून ने एक बयान में कहा कि करीब 30 वर्ष पहले वियतनाम युद्ध में जंगलों में पत्तियों को गिराने के लिए प्रयोग किए गए रसायन के दुष्परिणाम अब भी सामने आ रहे हैं। खाड़ी युद्ध के दौरान कुवैत के 600 से अधिक तेल कुओं को जलाने के परिणाम भी अब तक वहां के लोग भुगत रहे हैं।
गाजा पट्टी में दशकों से जारी लड़ाई से भूमिगत जल आपूर्ति को भारी क्षति पहुंची है, इस आपूर्ति पर 15 लाख फिलीस्तीनी पेयजल और सिंचाई के लिए आश्रित हैं। वहां पेयजल आपूर्ति के समाप्त होने का खतरा है।
प्राकृतिक संसाधनों ने वर्ष 1990 के बाद से हुए कम से कम 18 संघर्षो में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लाइबेरिया और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में हीरे, लकड़ी और सोने का दोहन सशस्त्र गुटों ने धन और संघर्ष को अधिक समय तक चलाने के लिए किया। पर्यावरण और विकास पर इसका प्रभाव विनाशकारी साबित हुआ।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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