दिल्ली में 26 बंधुआ बाल मजदूर मुक्त
खिलौने का कारखाने को सील कर दिया गया है और उसके मालिकों पर 20,000 रुपए प्रति बच्चे के हिसाब से जुर्माना लगाया गया है।
इन सभी बच्चों की उम्र आठ वर्ष से 14 वर्ष के बीच है और इन सभी को बिहार से यहां लाया गया था। ये बच्चे खिलौना कारखाने में एक साल से काम कर रहे थे। बच्चों को बंधुआ मजदूर अधिनियम के तहत छुड़ाया गया।
'बचपन बचाओ आंदोलन' के उमेश गुप्ता ने कहा, " बच्चों को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। समिति ने बच्चों को उनके घर भेजने से पहले सात या 10 दिनों के लिए बाल सुधार गृह में भेज दिया।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications