झारखण्ड में चुनाव और शुभ मुहूर्त की समान तिथियों से परेशानी
चुनाव के कारण बारातियों को ले जाने के लिए बस का इंतजाम होना मुश्किल लग रहा है। कई बस मालिक बारात के लिए मनमाना किराया मांग रहे हैं। ऐसे में वर पक्ष वालों को दिक्कत हो रही है कि वे दुल्हन के घर तक कैसे पहुंचें। दूसरी ओर दुल्हन पक्ष वालों को भी बारातियों को ठहराने के लिए उचित स्थान नहीं मिल पा रहा है। शहर के अधिकांश होटल और धर्मशालाएं पहले ही चुनाव के कारण बुक हैं तो ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी भवन चुनाव के कारण खाली नहीं हैं।
झारखण्ड के ज्योतिषाचार्य पंडित जय कुमार पाठक का कहना है कि मांगलिक कायरें का शुभ मुहूर्त नवंबर में 17, 18, 19, 20, 21, 22, 26, 27 और 28 तारीख को है, जबकि दिसंबर में 1, 2, 3, 8, 9, 10, 11, 12 अैार 13 तारीख को है। हिंदू रीति रिवाज के अनुसार विवाह के लिए अभी शुभ मुहूर्त प्रारंभ ही हुआ है। इधर, झारखण्ड में 25 नवंबर और 2, 8, 12, 18 दिसंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं।
उल्लेखनीय है कि चुनाव के दस दिन पूर्व से ही मतदानकर्मियों तथा सुरक्षाकर्मियों को लाने और ले जाने के लिए वाहनों की व्यवस्था करनी पड़ती है। जिससे सड़कों पर वाहनों की कमी हो जाती है।
लातेहार निवासी सरयू प्रसाद सिंह का कहना है कि उनकी लड़की की शादी बिहार में 26 नवंबर को होनी तय थी लेकिन चुनाव के कारण न उन्हें बारात ठहराने का स्थान मिल पा रहा है और न ही लड़के वाले को बारात लाने के लिए झारखण्ड में कोई वाहन आना चाह रहा है। इस कारण वह विवाह की तिथि बदलने की सोच रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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