उपराष्ट्रपति ने किया 'दक्षिण एशिया में इस्लाम' पुस्तक का विमोचन
नई दिल्ली, 4 नवंबर (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति एम़ हामिद अंसारी ने कहा है कि हम ऐसे युग में रह रहे हैं, जिसमें इस्लाम के उसूलों को लेकर विश्व के विभिन्न भागों में अनेक तरह की गलतफहमियां पैदा हो गई हैं। किसी आशंका की दिमागी उपज ने समय के साथ धर्म और संस्कृति के गंभीर अध्ययन का स्थान ले लिया है।
प्रो़ मुशीरुल हसन द्वारा सम्पादित दक्षिण एशिया में इस्लाम शीर्षक से पुस्तक श्रंखला के विमोचन समारोह को बुधवार को यहां सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया में इस्लाम पर इस पुस्तक श्रंखला का प्रकाशन इसलिए सामयिक है।
उन्होंने कहा कि विश्व के करीब एक अरब 57 करोड़ मुसलमानों में से लगभग 48 करोड़ मुसलमान दक्षिण एशिया में रहते हैं। करीब एक हजार वर्ष तक उन्होंने अन्य धर्मो और संस्कृतियों के लोगों के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया है। उनका अनुभव विशिष्ट है और उनका योगदान भी उल्लेखनीय है।
उन्होंने कहा कि इन पुस्तकों का गंभीरता से अध्ययन करने से अनेक मिथकों और रूढ़िवादी धारणाओं को समाप्त करने में सहायता मिलेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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