प्रधानमंत्री ने अस्पताल में युवक की मौत पर खेद जताया, परिवार ने मुआवजा मांगा (लीड-1)
प्रधानमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "प्रधानमंत्री ने युवक के परिवार को पत्र लिखकर इस घटना पर खेद जताया है।"
अधिकारी के अनुसार प्रधानमंत्री ने लिखा है कि युवक की मौत दुर्भाग्यपूर्ण स्थितियों में हुई।
युवक के परिजनों का आरोप है कि गुर्दारोग से पीड़ित 32 वर्षीय सुमित प्रकाश वर्मा के वाहन को पीजीआईएमईआर के आपातकालीन द्वार पर सुरक्षा कारणों से प्रवेश की अनुमति नहीं मिली, जिस वजह से उनकी मौत हो गई। प्रधानमंत्री वहां संस्थान के 30वें दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेने गए थे।
वर्मा के परिजनों ने आरोप लगाया कि अंबाला से चण्डीगढ़ पहुंचने के बाद पीजीआईएमईआर के विभिन्न द्वारों पर उनके वाहन को रोका गया। वर्मा के परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं।
युवक की मौत के फौरन बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस संबंध में पीजीआईएमईआर से रिपोर्ट मांगी। हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि किसी को भी परिसर में दाखिल होने से नहीं रोका गया।
पीड़ित के परिवार ने हालांकि बुधवार को कहा कि युवक की मौत के लिए प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि उनका विशेष सुरक्षा दल (एसपीजी) और अन्य सुरक्षा एजेंसियां जिम्मेदार हैं।
वर्मा के एक रिश्तेदार ने कहा, "हम इस दुर्घटना के लिए प्रधानमंत्री को जिम्मेदार नहीं ठहराते। इसके लिए उनकी सुरक्षा व्यवस्था जिम्मेदार है।"
वर्मा का बुधवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजनों ने वर्मा की मौत के लिए मुआवजा और उनके परिवार एक सदस्य के लिए नौकरी की मांग की है।
अंबाला में अंतिम संस्कार के बाद वर्मा के भतीजे धीरज ने कहा, "हम सरकार से चाहते हैं कि वह परिवार के लिए कुछ करे। परिवार का वही एक आसरा था। अब वे लोग क्या करेंगे?"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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