वंदे मातरम् के खिलाफ प्रस्ताव के बारे में जानकारी नहीं थी : चिदंबरम
चिदंबरम ने जमीयत के जिस सम्मेलन शिरकत की थी उसमें राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया था। भाजपा ने मंगलवार को यह सवाल उठाया था कि जब चिदम्बरम को यह मालूम हो गया था कि वंदे मातरम के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने के साथ जमीयत का सम्मेलन शुरू हुआ है तो वह उस सम्मेलन में क्यों गए। उनकी आखिर क्या मजबूरी थी कि वह सम्मेलन में गए।
चिदंबरम के निजी सचिव एम. ए. सिद्दिकी ने एक बयान जारी कर बुधवार को कहा, "गृह मंत्री तीन नवंबर की सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच देवबंद स्थित जमीयत-ए-उलेमा-ए-हिंद में मौजूद थे। इस दौरान कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया गया। जब वह बोले तो उन्हें वंदे मातरम् या महिला आरक्षण या सिनेमा और टेलीविजन के संबंध में किसी प्रस्ताव के बारे में जानकारी नहीं थी।"
सिद्दिकी ने कहा, "इसके अलावा चिदंबरम लिखित भाषण पढ़ रहे थे और लिखित भाषण से अलग कुछ कहने का मौका नहीं आया।"
बहरहाल, भाजपा ने चिदंबरम की इस सफाई को नाकाफी बताया है और कहा है कि चिदम्बरम को इसके लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने संवाददाताओं से कहा, "चिदंबरम देश के गृह मंत्री है और वह ऐसे कार्यकम में जाते हैं जहां राष्ट्रीय गीत के खिलाफ प्रस्ताव पारित होता है। इसके बाद वह कहते हैं कि उन्हें जानकारी नहीं थी। ऐसे में उनसे देश के लोग सुरक्षा की अपेक्षा कैसे कर सकते हैं।" उन्होंने कहा कि गृह मंत्री को देश से माफी मांगना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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