सेना क्रिकेट टीम के बचाव में सामने आए चिदंबरम और राजू (लीड-1)

बुधवार को जम्मू एवं कश्मीर दौरे पर पहुंचे चिदंबरम ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि तीनों सेनाओं का प्रतिनिधित्व करने वाली सेना (सर्विसेज) और जम्मू एवं कश्मीर टीमों के बीच श्रीनगर में ही दोबारा मैच कराने के लिए नई तारीख तय की जानी चाहिए लेकिन उससे पहले यह जरूरी है कि बीसीसीआई उसे माफ करते हुए उसका निलंबन रद्द कर दे।

चिदंबरम ने विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए बनाए जा रहे फ्लैटों के निर्माण कार्य का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मंगलवार को सेना की टीम के श्रीनगर नहीं पहुंचने की घटना को लेकर उन्होंने रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी से बात की है। बकौल चिदंबरम, "मैंने सुना है कि सेना टीम ने बीसीसीआई से माफी मांगी है। बीसीसीआई को उसे माफ कर देना चाहिए और दोनों टीमों के बीच मैच कराने के लिए फिर से तारीख तय करनी चाहिए।"

इधर, नई दिल्ली में पत्रकारों से मुखातिब रक्षा राज्यमंत्री राजू ने बुधवार को कहा कि सेना की क्रिकेट टीम द्वारा श्रीनगर में रणजी मैच नहीं खेलना 'दुर्भाग्यपूर्ण' है लेकिन यह फैसला 'निचले स्तर' पर लिया गया था। राजू ने हालांकि तीनों सेनाओं का प्रतिनिधित्व कर रही इस टीम के इस फैसले के लिए किसी को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराने से इंकार किया।

राजू ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, "मेरा मानना है कि सेना टीम का यह फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है और यह बात निचले स्तर पर तय की गई थी। हर एक संस्थान और देश को सुरक्षा को ध्यान में रखकर कहीं खेलने या नहीं खेलने का फैसला लेना होता है। इसी अधिकार के तहत सर्विसेज स्पोर्ट्स बोर्ड ने श्रीनगर में नहीं खेलने का फैसला किया। इसे लेकर किसी को सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।"

राजू से जब यह पूछा गया कि आखिर क्या कारण है कि ऐसे में जबकि राज्य में 400,000 के करीब सैनिक तैनात हैं, 11 खिलाड़ी वहां खेलने को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, राजू ने कहा कि अगर बीसीसीआई के नियंत्रण में काम करने वाली रणजी समिति ने मौका दिया तो सेना की टीम को दोबारा श्रीनगर भेजा जाएगा।

सेना टीम के इस फैसले से नाराज जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के क्रिकेट संघ के प्रमुख फारुक अब्दुल्ला ने मंगलवार को इस मुद्दे को कैबिनेट की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री के सामने उठाने की बात कही थी।

घाटी में पांच साल बाद होने वाले इस रणजी मैच को लेकर सेना टीम के रुख से आहत फारुक ने कहा था, "सेना का यह फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। उसकी नजर में कश्मीर सुरक्षित नहीं है। क्या हम विश्व स्तर पर कश्मीर की यह छवि पेश करना चाहते हैं। सेना की इस हरकत से दुनिया भर में क्या संदेश जाएगा। मैं इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से बात करुं गा।"

उल्लेखनीय है कि सेना टीम को श्रीनगर में मेजबान जम्मू एवं कश्मीर की टीम के साथ मंगलवार से चार दिवसीय मैच खेलना था लेकिन सेना की टीम इस मैच के लिए श्रीनगर नहीं पहुंची। इसे देखते हुए बीसीसीआई ने मंगलवार को ही त्वरित कार्रवाई करते हुए प्लेट वर्ग में खेल रही सेना टीम को तत्काल इस वर्ष रणजी चैम्पियनशिप से बाहर करने की घोषणा की थी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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