मलेशियाई बाघ को बचाने के लिए कार्ययोजना तैयार
उप प्रधानमंत्री मुहीद्दीन यासिन ने कहा है कि देश में मलयान बाघ को खोया नहीं जा सकता है। यह बाघों की एक दुर्लभ प्रजाति हैं।
राष्ट्रीय जैव विविधता-जैव प्रौद्योगिकी परिषद ने न केवल इन दुर्लभ प्रजाति के बाघों को बचाने की योजना बनाई है बल्कि इनकी संख्या को 2010 तक 1000 तक पहुंचाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है।
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 1950 के आसपास बाघों की अनुमानित संख्या 3,000 थी लेकिन वर्तमान में यह घटकर 450 से 500 के बीच रह गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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