बस किराये में वृद्धि से लोगों में रोष (लीड-1)
सरकार ने कुछ दिन पहले घोषणा की थी कि डीटीसी की बसों में संशोधित किराया पहली नवंबर से लागू हो जाएगा और बुधवार से यह लागू हो गया।
नई जारी की गई किराया सूची के मुताबिक बस का न्यूनतम किराया अब 5 रुपये हो गया है। पहले यह 3 रुपये था। सात रुपये में मिलने वाला टिकट अब 10 रुपये में और 10 रुपये में मिलने वाला टिकट 15 रुपये में मिलेगा।
डीटीसी की वातानुकूलित बसों में तीन किलोमीटर तक की यात्रा के लिए यात्रियों को 10 रुपये किराया देना होगा, जबकि तीन से 12 किलोमीटर दूरी की यात्रा के लिए 15 रुपये देने होंगे और 12 किलोमीटर से ज्यादा दूरी की यात्रा के लिए 25 रुपये किराया देना होगा।
कश्मीरी गेट बस टर्मिनल से बस में चढ़े अतुल किशन कहते हैं, "यदि सरकार किराए में वृद्धि कर रही है तो उसे बेहतर बस सेवा भी सुनिश्चित करना चाहिए।"
किशन ने कहा, "मैं पिछले 30 मिनट से नोएडा जाने वाली बस का इंतजार कर रहा हूं। सरकार का दावा है कि उसने बेहतर सुविधा के चलते किराए में वृद्धि की है लेकिन मेरी बस की आवृत्ति अब भी कम है। हमारी मुख्यमंत्री किस सुविधा की बात कर रही हैं।"
एक अन्य नाराज यात्री 21 वर्षीय छात्रा नवनीत कौर कहती हैं उन्हें आने-जाने के लिए सीमित जेब खर्च मिलता है और किराया बढ़ना उनके लिए अच्छा नहीं है।
नवनीत ने आईएएनएस से कहा, "डीटीसी की बसें कम होने की वजह से स्टूडेंट पास से बहुत अधिक मदद नहीं मिल पाती है। मैं मेट्रो और बस दोनों से यात्रा करती हूं। भविष्य में परेशानी बढ़ सकती है क्योंकि सरकार मेट्रो का भी किराया बढ़ाने की योजना बना रही है।"
हाल ही में दिल्ली के एक वकील ने दिल्ली सरकार के बसों का किराया बढ़ाने के निर्णय को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। उन्होंने इस वृद्धि को अनुचित बताया है।
वकील मनोहर लाल शर्मा ने उच्चतम न्यायालय में दायर की गई याचिका में कहा है, "सरकार का निर्णय अनुचित है और इससे दिल्ली के गरीबों की जेब पर अतिरिक्त भार बढ़ गया है।"
डीटीसी के पास फिलहाल 3600 बसें हैं जिनसे वह प्रतिदिन 20 लाख लोगों को यात्रा उपलब्ध कराती है। राष्ट्रमंडल खेलों से पहले मार्च 2010 तक डीटीसी के बेड़े में 3500 और बसें शामिल होंगी।
दिल्ली सरकार की राष्ट्रमंडल खेलों से पहले दिल्ली में 11,000 बसों की व्यवस्था करने की योजना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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