उप्र के मुख्य सचिव सर्वोच्च न्यायालय में पेश हुए, माफी मांगी
गुप्ता न्यायमूर्ति एच.एस.बेदी और जे.एम.पांचाल की खंडपीठ के समक्ष पेश हुए। अदालत ने गुप्ता को यह कहते हुए नोटिस जारी किया था कि आठ सितंबर के अदालत के आदेश का उल्लंघन करने के लिए उनके खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला क्यों न चलाया जाए।
गुप्ता ने शनिवार को अदालत की रजिस्ट्री में यह कहते हुए हलफनामा दायर किया था कि "यदि अदालत के निर्देशों के पालन में किसी तरह की अवज्ञा हुई हो तो वह उसके लिए बिना शर्त माफी मांग रहे हैं।"
खंडपीठ ने गुप्ता की अदालत में व्यक्तिगत पेशी पर गौर करते हुए आगे उन्हें व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने से छूट दे दिया और 30 नवंबर तक मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।
सर्वोच्च न्यायालय ने याची मिथिलेश कुमार सिंह को और सामाजिक संगठन, गोमती नगर संस्था को भी राज्य सरकार की याचिका पर अपनी प्रतिक्रिया दायर करने के लिए तीन सप्ताह का समय दे दिया। राज्य सरकार ने अपनी याचिका में निर्माण कार्य पर लगाए गए प्रतिबंध पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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