भारत-पाक रिश्तों के बीच सईद न आने पाए : शाहिद मलिक
तरुण बासु/ मनीष चांद
नई दिल्ली, 4 नवंबर (आईएएनएस)। भारत और पाकिस्तान के बीच समग्र वार्ता बहाली की पुरजोर वकालत करते हुए यहां पाकिस्तान के उच्चायुक्त शाहिद मलिक ने कहा कि दोनों मुल्कों के रिश्तों के बीच हाफिज सईद जैसे किसी शख्स को नहीं आने देना चाहिए।
मलिक ने यह बात दोनों देशों के नेताओं के बीच प्रस्तावित महत्वपूर्ण बैठक से चंद रोज पहले कही।
मुंबई में पिछले साल 26 नवंबर को आतंकवादी हमला करने वाले हमलावरों के खिलाफ पाकिस्तान में जारी जांच की धीमी गति पर भारत में बढ़ते आक्रोश के बावजूद मलिक ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान ने 26/11 के हमलावरों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की लोकतांत्रिक सरकार ने भारत को शांति की ऐतिहासिक पेशकश की है।
मलिक ने आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में कहा, "किसी एक शख्स को भारत-पाकिस्तान संबंधों को बंधक बनाने की इजाजत क्यों दी जाए? हाफिज सईद कोई कसौटी नहीं हो सकता है।"
यह कहने पर कि भारत सईद के खिलाफ कार्रवाई को सीमा-पार आतंकवाद का मसला हल करने की पाकिस्तान की गंभीरता के संदर्भ में देख रहा है, मलिक ने कहा कि पाकिस्तानी सरकार ने सईद को रिहा करने के लाहौर उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अपील भी की है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया जारी है।
मलिक ने जोर देकर कहा, "पाकिस्तान में जंगलराज नहीं है। कानून की प्रक्रिया का पालन करना ही होगा।"
लाहौर उच्च न्यायालय ने जमात-उद-दावा के प्रमुख सईद को सबूतों के अभाव की दलील देते हुए रिहा कर दिया था, जबकि भारत उसे मुंबई हमलों का 'मास्टरमाइंड' बताता आया है।
विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा ने सईद की रिहाई पर तत्काल प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे 'अफसोसजनक' करार दिया था। कृष्णा ने कहा था कि इस कदम ने 26 /11 के हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई के प्रति पाकिस्तान की गंभीरता को संदेह में घेरे में ला खड़ा किया है।
भारत द्वारा 26 /11 के हमलावरों तथा पाकिस्तान की धरती से भारत विरोधी गतिविधियां चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर कोई कदम नहीं उठाए जाने के बारे में मलिक ने कहा, "हमने बातचीत बहाल करने की बार-बार पेशकश की। ठोस कार्रवाई को आप कैसे परिभाषित करते हैं? हमें लगता है कि हम ये कदम उठा रहे हैं, हमनें संदिग्ध आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।"
मलिक ने कहा, "10 अक्टूबर को हमने सात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा शुरू किया। यह एक बड़ा कदम था। इसकी भारत में अच्छी प्रतिक्रिया रही होगी। इसके अलावा 13 व्यक्तियों को भगोड़ा घोषित किया गया है। हमने उन्हें पकड़ने में इंटरपोल से मदद मांगी है।"
आईएएनएस से बातचीत में पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने पोर्ट ऑफ स्पेन में होने राष्ट्रमंडल शिखर सम्मेलन के दौरान आपसी रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए दोनों देशों के नेताओं की प्रस्तावित भेंट से के संदर्भ में समग्र वार्ता बहाली के प्रति सकरात्मक संकेत दिए।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा अपनी हाल की जम्मू एवं कश्मीर यात्रा के दौरान पाकिस्तान की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाने की सराहना करते हुए मलिक ने कहा, "संकेत सकरात्मक हैं। भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा लगातार तीन दिन तक ऐसा बयान देना बहुत सकारात्मक संकेत है।"
दोनों देशों के बीच वार्ता बहाली के लिए जारी प्रयासों के संदर्भ में मलिक ने कहा, "मामले अभी सुलझे नहीं हैं। मेरी आशावादिता का कारण यह उम्मीद है कि शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व की ओर से संबंधों को बेहतर बनाने के प्रयास होंगे।"
उन्होंने कहा, "भारत के साथ शांति की पाकिस्तान की प्रतिबद्धता पर किसी के मन में संदेह नहीं होना चाहिए।"
उन्होंने भारतीय नेताओं से पाकिस्तान की लोकतांत्रिक सरकार के बातचीत बहाल करने का अनुरोध किया। मलिक ने कहा कि दोनों देशों के बीच स्थायी शांति की यह बेहतरीन उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि भारत को इसका लाभ उठाना चाहिए और भारत के साथ शांति बहाली का एक ऐतिहासिक अवसर है।
यह पूछे जाने पर कि भारत के कुछ वर्गो में समग्र वार्ता के स्वरूप पर पुनर्विचार हो रहा है, मलिक ने कहा कि समग्र वार्ता अपने मौजूदा स्वरूप में ही आगे बढ़ाई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा, "समग्र वार्ता में भारत-पाकिस्तान संबंधों का व्यापक दायरा है। यही आगे बढ़ने का सबसे बेहतरीन तरीका है।"
दोनों देशों की जनता के आपसी मेल-जोल के बारे में मलिक ने कहा, "जनता के आपसी मेल-जोल, खेल संपर्क और समग्र वार्ता सिलसिलेवार ढंग से जारी रहने चाहिए।"
पिछले महीने की नीमराना समूह की बैठक का हवाला देते हुए मलिक ने कहा कि इससे जाहिर होता है कि मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद बने संदेह और दुश्मनी के माहौल के बावजूद दोनों देशों के बीच बातचीत बंद नहीं हुई है।
इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व पूर्व विदेश सचिव एम. के. रसगोत्रा ने किया और पाकिस्तान की नुमाइंदगी पूर्व विदेश मंत्री और विदेश सचिव इनाम-उल हक ने की।
मलिक ने कहा, "हाल में लाहौर यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज के छात्रों ने भारत का दौरा किया था। भारत की महिला पत्रकारों ने...पाकिस्तान का दौरा किया था। यह शांति और बातचीत बहाली के प्रति जनता की इच्छा को दर्शाता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
**


Click it and Unblock the Notifications