खाद्यानों कीमतों में वृद्धि से सरकार चिंतित : पवार
पवार ने बुधवार को आर्थिक संपादकों के सम्मेलन में कहा, "वर्ष 2008-09 के दौरान खाद्य पदार्थो की कीमतों में उछाल देखने को मिला। उपयोगी वस्तुओं की उपलब्धता कुल मिलाकर संतोषजनक रही है।"
उन्होंने कहा, "खाद्य समाग्री की कीमतों में वृद्धि चिंता का विषय है।"
सरकार द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़े के मुताबिक देश के कई हिस्सों में सूखे और बाढ़ की वजह से अनाज की पैदावार प्रभावित हुई है। सबसे ज्यादा असर चावल के उत्पादन पर पड़ा है। खरीफ की फसल में चावल का उत्पादन 1.5 करोड़ टन घटकर 6.945 करोड़ टन रहने का अनुमान है।
वर्ष 2008-09 और 2009-10 के दौरान गेंहू की सरकारी खरीद क्रमश: 226.89 लाख टन और 253.81 लाख टन थी।
पवार ने कहा, "विगत दो वर्षो में रिकार्ड सरकारी खरीद का नतीजा है कि गेंहू का केंद्रीय भंडार इस वर्ष एक अक्टूबर तक 284.57 लाख टन था।"
उन्होंने कहा कि चावल की सरकारी खरीद भी बढ़ी है। पवार ने कहा, "सरकार के पास 153.49 लाख टन चावल का भंडार है।"
कृषि मंत्री ने कहा कि रबी की फसल में 85 लाख टन अनाज और 15 लाख टन तिलहन के अनुमानित उत्पादन से खरीफ की फसल में हुए नुकसान की भरपाई की जा सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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