प्रधानमंत्री ने देश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
पंजाब विश्वविद्यालय किसी समय मनमोहन सिंह के अध्ययन और फिर अध्यापन का केंद्र रहा। विश्वविद्यालय के छात्रों और प्राध्यापकों को संबोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा, "हमारे संस्थान जिस दर्जे की उच्च शिक्षा परोस रहे हैं, वह हमारी एक बड़ी समस्या है। इनमें से ज्यादातर संस्थान डिग्रीधारकों को पैदा कर रहे हैं जो अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों पर कहीं खरे नहीं उतर पाते।"
पंजाब विश्वविद्यालय ने यहां विशेष तौर पर आयोजित एक दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया। बाद में मनमोहन सिंह ने एक बहुउद्देश्यीय प्रेक्षागृह और परीक्षा केंद्र की आधारशिला रखी।
प्रधानमंत्री ने कहा, "वास्तव में गुणवत्ता में कमी का एक पहलू यह है कि सरकार ने पिछले पांच वर्षो के दौरान जिन आईआईएम, आईआईटी, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों की स्थापना का निर्णय लिया है, उनके लिए उच्च दर्जे के प्राध्यापकों की नियुक्ति में समस्या आ रही है।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "यदि हम उच्च शिक्षा तक पहुंच और नामांकन के अपने लक्ष्यों को हासिल भी कर लेते हैं, यदि हम उच्च शिक्षा पर भारी राशि भी खर्च करते हैं और यदि हम बड़ी संख्या में नए संस्थान स्थापित भी कर लेते हैं तो भी शिक्षा में गुणवत्ता का मसला हल नहीं हो पाएगा।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "उच्च शिक्षा में गुणवत्ता की कमी को दूर करने करने के लिए केंद्र सरकार प्रतिभाशाली प्राध्यापकों को आकर्षित करने और उन्हें यहां बनाए रखने के लिए बहुत ही आकर्षक वेतन पैकेज के साथ सामने आई है।" मनमोहन सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार उच्च शिक्षा में ढांचागत सुधार के लिए प्रतिबद्ध है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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