देवबंद में मौलवियों को बाबा रामदेव ने पढ़ाया योग का पाठ
देवबंद में चल रही जमीयत उलेमा-ए-हिंद की वार्षिक आमसभा में शिरकत करने वाले बाबा रामदेव पहले गैरमुस्लिम धार्मिक नेता हैं।
साम्प्रदायिक सौहार्द को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए बाबा ने कहा कि हिन्दू और मुसलमानों की एकता ही देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा, "लोगों को अब स्वीकार कर लेना चाहिए कि ईश्वर और अल्लाह एक ही सर्वशक्तिमान के दो नाम हैं।"
योग के महत्व को समझाते हुए बाबा ने इसके बारे में फैली विभिन्न भ्रांतियों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा, "योग किसी धर्म से संबंधित नहीं है और न ही इसके पीछे किसी धर्म विशेष को प्रोत्साहित किए जाने का विचार है। यह शरीर और दिमाग को तंदुरूस्त रखने की एक शारीरिक क्रिया है।"
बाबा ने इस मौके पर प्राणायाम और कपाल भाती तथा अनुलोम-विलोम के बारे में सम्मेलन में मौजूद मौलवियों को विस्तार से बताया।
स्वामी अग्निवेश ने शराब पर प्रतिबंध लगाने और मुसलमानों से वंदे मातरम गीत न गाने की बात कहकर खूब तालियां बटोरी। अग्निवेश के अलावा इस सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम, दूरसंचार राज्यमंत्री सचिन पायलट और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ महासचिव मौलाना कल्बे सादिक भी सम्मिलित हुए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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