साझा चूल्हा योजना कुपोषण के खात्मे की क्रांतिकारी शुरुआत : शिवराज
प्रदेश की राजधानी भोपाल के परवलिया सड़क ग्राम में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में योजना का श्रीगणेश करते हुए उन्होंने कहा कि सब बच्चे पढें-लिखें यह उनकी कोशिश है। स्कूलों में मध्यान्ह भोजन योजना का मकसद बच्चों का स्कूल के प्रति रुझान बढ़ाना है। इसके साथ ही कुपोषण को रोकने के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों से पूरक पोषण आहार का वितरण किया जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि इन दोनों योजनाओं के अलग-अलग संचालन में कई तरह की गड़बड़ियां हो रहीं थी। इसलिए दोनों के एक साथ संचालन के लिए साझा चूल्हा योजना शुरू की गई है। ग्रामीण विकास विभाग और महिला बाल विकास विभाग मिलकर इस योजना का संचालन करेंगे।
इस नई व्यवस्था से आंगनवाड़ी और स्कूली बच्चों को ताजा और पका हुआ भोजन व नाश्ता मिलेगा। मेनू भी तय कर दिया गया है जिसके मुताबिक नाश्ते में खिचड़ी, नमकीन और मीठी दलिया दी जाएगी, जबकि भोजन में खीर-पूड़ी , रोटी-सब्जी और दाल-चावल दिया जाएगा। इस योजना से कुल 72 लाख बच्चे और 16 लाख गर्भवती व धात्री महिलाएं लाभान्वित होंगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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