सेना क्रिकेट टीम के रुख पर फारुक भड़के, प्रधानमंत्री से मिलेंगे (लीड-1)
सर्विसेज (सेना) की टीम को श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में मेजबान जम्मू एवं कश्मीर की टीम के साथ मंगलवार से चार दिवसीय मैच खेलना था लेकिन यह टीम मैच के लिए निर्धारित वक्त पर श्रीनगर नहीं पहुंची। सेना को हालांकि अपने इस रुख का खामियाजा भुगतना पड़ा है क्योंकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे इस वर्ष की रणजी चैम्पियनशिप से बाहर कर दिया है।
घाटी में पांच साल बाद होने वाले इस रणजी मैच को लेकर सेना टीम के रुख से आहत फारुक काफी गुस्से में दिखे। उन्होंने कहा, "सेना का यह फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। उसकी नजर में कश्मीर सुरक्षित नहीं है। क्या हम विश्व स्तर पर कश्मीर की यह छवि पेश करना चाहते हैं। सेना की इस हरकत से दुनिया भर में क्या संदेश जाएगा। मैं इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से बात करुं गा।"
फारुक ने बताया कि सेना की टीम ने सुरक्षा कारणों से घाटी में आने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा, "सेना टीम का यह दौरा सुरक्षा कारणों से टाला गया है। इस टीम ने हमें यह बताना तक जरूरी नहीं समझा कि वह नहीं आ रही है। हम उसका इंतजार करते रहे। हमने उसके स्वागत की पूरी तैयारी कर ली थी लेकिन दुख की बात यह है कि उनका श्रीनगर आने का कोई इरादा था ही नहीं।"
अब्दुल्ला के मुताबिक कुछ लोग अपने निहित स्वार्थ के कारण कश्मीर को असुरक्षित क्षेत्र घोषित करवाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "यह इस राज्य के खिलाफ षड़यंत्र का हिस्सा है। यहां अमन का माहौल बन रहा है लेकिन कुछ लोग ऐसा चाहते ही नहीं। मैं बीसीसीआई से कहूंगा कि वह इस बात का पता लगाए कि आखिर वे कौन लोग हैं, जो इस राज्य की छवि अच्छी नहीं होने देना चाहते।"
दूसरी ओर, सेना के इस फैसले से खफा बीसीसीआई ने मंगलवार को ही त्वरित कार्रवाई करते हुए प्लेट वर्ग में खेल रही सेना की टीम को तत्काल प्रतियोगिता से बाहर करने की घोषणा की। बीसीसीआई ने कहा कि एसएससीबी के खिलाफ इसके अलावा भी कार्रवाई की जा सकती है। इस संबंध में बीसीसीआई की कार्यकारिणी की बैठक के दौरान फैसला किया जाएगा।
बीसीसीआई के सचिव एन. श्रीनिवासन ने अपने बयान में कहा, "एसएससीबी ने श्रीनगर में मैच खेलने को लेकर अपनी मजबूरी जताई और मंगलवार को मैच के लिए वहां नहीं पहुंची। इस कारण उसे रणजी चैम्पियनशिप से बाहर किया जा रहा है।"
जम्मू एवं कश्मीर क्रिकेट संघ के सचिव सलीम खान का कहना है कि मैच की तैयारियां पूरी कर ली गई थीं और अंपायर तथा मैच रेफरी यहां पहुंच चुके थे लेकिन सेना की टीम ही नहीं आई।
बकौल सलीम, "हमने अपना काम पूरा कर लिया था। मैच के सीधे प्रसारण के लिए मैदान में कैमरे भी लगाए गए थे। हम इस मैच के लिए भारी भीड़ जुटने की उम्मीद कर रहे थे लेकिन हमें निराशा हुई। इस तरह राज्य में क्रिकेट को विकास की राह पकड़ाने का एक अच्छा मौका हमारे हाथ से निकल गया।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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