पाकिस्तान में दोहरे आत्मघाती हमले में 36 मारे गए (राउंडअप)
पहला आत्मघाती हमला रावलपिंडी शहर में सोमवार सुबह सेना मुख्यालय से 500 मीटर से भी कम दूरी पर हुआ। इस हमले में कम से कम 34 लोग मारे गए और 32 घायल हो गए। दूसरा हमला लाहौर शहर के बाहरी हिस्से में हुआ। इस हमले में हमलावर और उसके एक साथी की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए।
रावलपिंडी का हमला ऐसे समय में हुआ है, जब पाकिस्तानी सरकार ने तालिबानी सरगना हकीमुल्ला महसूद और उसके 18 साथियों का सुराग देने वाले को 50 लाख डॉलर का इनाम देने का सोमवार को ऐलान किया है। उल्लेखनीय है कि हकीमुल्लाह आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) का सरगना है। इस संगठन पर पाकिस्तान में कई आतंकवादी वारदातों को अंजाम देने का आरोप है।
टेलीविजन चैनल 'जियो टीवी' के मुताबिक विस्फोट स्थानीय समयानुसार सुबह 10.40 बजे शालीमार होटल के निकट हुआ। घटनास्थल के निकट पर्ल कांटिनेंटल होटल भी है।
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधिकारी असलम तारिन ने संवाददाताओं को बताया, "आत्मघाती हमलावर मोटरसाइकिल पर आया और वेतन लेने के लिए एकत्र लोगों के नजदीक खुद को उड़ा दिया। हमलावर के शरीर के कुछ टुकड़े बरामद किए गए हैं।"
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। टीवी फुटेज में पुलिस को घटनास्थल की घेराबंदी करते दिखाया गया है।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने इस विस्फोट की कड़ी निंदा की है। आतंरिक मामलों के मंत्री रहमान मलिक ने भी इसकी भर्त्सना की है। विस्फोट के बाद रावलपिंडी के सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया और सुरक्षाकर्मियों ने बच्चों को घरों तक पहुंचाया। विस्फोट का शिकार बनने वालों में ज्यादातर सुरक्षाकर्मी थे।
एक प्रत्यक्षर्शी साजिद खान ने पत्रकारों को बताया, "यह एक भीषण विस्फोट था। यह माल रोड पर स्थित जनरल पोस्ट ऑफिस चौक के निकट हुआ। मैंने इमारतों से धुंआ उठते हुए देखा।"
एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी शौकत अली ने कहा, "जब मैं मौके पर पहुंचा तो वहां चारों ओर हताहत लोग पड़े हुए थे। कुछ शव बिना सिर के थे तो कुछ के पैर नहीं थे। लोगों ने उन महिलाओं को ढका जिनके कपड़े विस्फोट में जल गए थे।"
इसके पहले 10 अक्टूबर को रावलंपिंडी में ही 10 आतंकवादियों ने सेना मुख्यालय पर हमला कर दिया था। इसके बाद 22 घंटो तक चले अभियान में नौ आतंकवादियों सहित कम से कम 19 लोग मारे गए थे। एक आतंकवादी गिरफ्तार किया गया था।
उधर, पाक सरकार ने सोमवार को स्थानीय समाचार पत्र 'द न्यूज' के प्रथम पृष्ठ पर और चैनलों पर भी हकीमुल्लाह और उसके साथियों पर इनाम संबंधी विज्ञापन दिया।
विज्ञापन में कहा गया है, "अगर कोई इन आतंकवादियों को जिंदा या मुर्दा पकड़ लेता है अथवा इनके बारे में कोई पुख्ता जानकारी मुहैया कराता है तो उसे यह राशि इनाम में दी जाएगी।"
इस विज्ञापन में हकीमुल्ला, वली-उर-रहमान महसूद और कारी हुसैन महसूद में से प्रत्येक पर 50 लाख पाकिस्तानी रुपये के इनाम की घोषणा की गई है।
इसके अलावा टीटीपी के 11 स्वयंभू कमांडरों पर 20-20 लाख रुपये और पांच अन्य पर 10-10 लाख रुपये का इनाम रखा गया है।
लाहौर शहर के बाहरी हिस्से में एक मुख्य राजमार्ग पर स्थित पुलिस चौकी के पास हुए आत्मघाती हमले में हमलावर व उसके साथी की मौत हो गई और कम से कम सात अन्य लोग घायल हो गए।
पुलिस की यह जांच चौकी शहर के प्रवेश बिंदु पर इस्लामाबाद और लाहौर के बीच छह लेन वाली सड़क पर स्थित है।
लाहौर के पुलिस प्रमुख परवेज राठौर ने संवाददाताओं को घटनास्थल पर बताया कि हमले में तीन पुलिसकर्मियों सहित सात लोग घायल हो गए हैं। बताया गया है कि हमलावर ने उस समय खुद को उड़ा दिया, जब पुलिस उसकी तलाशी लेने की कोशिश कर रही थी। विस्फोट में हमलावर का एक साथी भी मारा गया।
राठौर ने कहा, "दो पुलिस अधिकारियों की हालत नाजुक बनी हुई है।" उन्होंने कहा कि हमलावर बड़े हमले को अंजाम देने के लिए शहर में घुसने की कोशिश में थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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