सीतापुर अग्निकांड से प्रभावित औद्योगिक इकाइयों को राहत पैकेज
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री कार्यालय में सोमवार को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन एवं राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में दिये गये राहत पैकेज का दायरा बढ़ाते हुए यह सुविधा और शामिल की गई है।
सरल योजना के तहत प्रभावित उद्यमी इस ऋण का उपयोग अपनी आवश्यकतानुसार इकाई के पुनरुत्थान में कर सकेंगे। इस ऋण का पुनर्भुगतान अधिकतम पांच वर्षो में किया जा सकेगा और निगम इस पर अपनी प्रचलित ब्याज दर में 0.5 प्रतिशत की छूट देगा।
इसके साथ ही घोषणा के तहत रीको ने उन प्रभावित इकाइयों की ऋण अदायगी एक वर्ष तक के लिये स्थगित कर दी है, जिन्होंने रीको से ऋण प्राप्त किया है। रीको ने घोषणा की है कि उद्यमी के अनुरोध पर देय किश्तों का पुनर्निधारण कर दिया जायेगा।
पैकेज में जयपुर विद्युत वितरण निगम की ओर से प्रभावित इकाइयों के माह नवम्बर, 2009 के बिजली के बिल के स्थाई शुल्क में 50 प्रतिशत तक माफी की घोषणा की है।
पैकेज में राज्य सरकार ने प्रभावित औद्योगिक इकाइयों को बीमा दावे प्रस्तुत करने तथा विभिन्न बीमा कंपनियों के साथ सामंजस्य स्थापित कर उनके दावों के जल्द निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिये दो समितियों का भी गठन किया है। औद्योगिक इकाइयों के बीमा दावों को त्वरित गति से प्रस्तुत करने के लिये गठित समिति के समन्वयक अतिरिक्त निदेशक उद्योग होंगे।
समिति में राज्य बीमा विभाग, रीको, सीतापुर औद्योगिक क्षेत्र एसोसिएशन एवं इंडियन ऑयल के प्रतिनिधियों के अलावा जयपुर कलटर एवं पुलिस अधीक्षक जयपुर (दक्षिण) भी सदस्य होंगे। महाप्रबन्धक, जिला उद्योग केन्द्र जयपुर (शहर) इसके सदस्य सचिव होंगे।
आयुक्त, उद्योग विभाग की अध्यक्षता में गठित दूसरी समिति में राज्य बीमा के अतिरिक्त निदेशक, सीतापुर औद्योगिक क्षेत्र एसोसिएशन के अध्यक्ष, विभिन्न बीमा कंपनियों के क्षेत्रीय अधिकारी इसके सदस्य होंगे। संयुत निदेशक, उद्योग इसके सदस्य सचिव होंगे। समिति दावों के त्वरित निस्तारण में उद्यमियों को सहयोग प्रदान करेगी एवं पूरी प्रक्रिया में आने वाली समस्याओं का समाधान करेगी।
उल्लेखनीय है कि पैकेज में राज्य सरकार की ओर से प्रभावित औद्योगिक इकाइयों के लिये मार्च 2010 तक वैट की वसूली स्थगित की गई है। साथ ही रीको क्षेत्र से सम्बन्धित सर्विस टैक्स एवं फायर टैक्स को एक वर्ष तक के लिये माफ किया गया है। जिन इकाइयों ने रीको एवं राजस्थान वित्त निगम से ऋण ले रखा है उनके बकाया के भुगतान की अवधि बढ़ाई जायेगी और आवश्यकतानुसार इन उद्यमियों को दस लाख रुपये तक का अतिरिक्त टॉप अप लोन स्वीकृत किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने इन इकाइयों द्वारा आवेदन करने के सात दिनों के भीतर यह ऋण स्वीकृत करने के भी निर्देश दिये हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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