ममता द्वारा मार्क्सवाद और माओवाद की तुलना किए जाने पर भड़के येचुरी
येचुरी ने यहां संवाददाताओं से चर्चा में कहा, "यदि कोई इतिहास जानता है या उसने इतिहास पढ़ी हो तो वह कभी भी ऐसा नहीं कह सकता।"
उन्होंने कहा, "माओवादी विचारधारा के लोग 1960 में माकपा से अलग हो गए थे। कई वर्षो तक हम उनके निशाने पर रहे।"
ज्ञात हो कि ममता ने रविवार को कहा था कि मार्क्सवाद और माओवाद एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
येचुरी इस बात से भी असहमत दिखे कि लालगढ़ में चलाया जा रहा संयुक्त सुरक्षा अभियान असफल रहा है। उन्होंने कहा, "पुलिस संत्रास विरोधी जनसाधारण समिति के नेता छत्रधर महतो को गिरफ्तार किया गया है। पहले आप पूछा करते थे कि उसे क्यों गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। अब उसे सलाखों के पीछे रखा गया है तो आप पूछते हैं कि क्यों अब तक किशनजी को गिरफ्तार नहीं किया गया।"
ज्ञात हो कि कोटेश्वर राव ऊर्फ किशनजी राज्य में नक्सली गतिविधियों का सूत्रधार है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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