अपने ही आदेश के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करेगा सर्वोच्च न्यायालय
नई दिल्ली, 2 नवंबर (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय मंगलवार को अपने ही एक प्रशासनिक आदेश को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई करेगा। सर्वोच्च न्यायालय ने यह आदेश अपने मामले को व्यक्तिगत तौर पर पेश करने के लिए अदालत के उच्च सुरक्षा जोन में किसी व्यक्ति के प्रवेश करने को लेकर दिया था।
सर्वोच्च न्यायालय की रजिस्ट्री ने अदालत के उच्च सुरक्षा जोन यानी अदालत कक्षों और न्यायाधीशों के चैम्बर्स में याचियों के व्यक्तिगत प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए आदेश जारी किया था। यह आदेश इस वर्ष 20 मार्च को घटी उस घटना के बाद जारी किया गया था, जिसमें मुंबई के एक संगीत विद्यालय की चार महिलाएं अपने मामले को निजी तौर पर प्रस्तुत करने के लिए अदालत में उपस्थित हुईं थीं और सुनवाई के दौरान उन्होंने मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति अरिजित पसायत पर चप्पल फेंक दिया था।
इस घटना के बाद सर्वोच्च न्यायालय की रजिस्ट्री ने इस वर्ष पांच मई को अपने आदेश में कहा कि अपने मामले को व्यक्तिगत रूप से पेश करने की इच्छा रखने वाले किसी भी व्यक्ति को सर्वोच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार के लिखित अनुमति के बिना अदालत के उच्च सुरक्षा जोन में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
आदेश के अनुसार याची को व्यक्तिगत प्रवेश की अनुमति उसके मामले की सुनवाई के दिन मात्र उस अदालत कक्ष तक जाने की होगी, जहां उसके मामले की सुनवाई होने वाली होगी। इसके अतिरिक्त किसी सुरक्षा कर्मी की निगरानी में उसे अदालत कक्ष में प्रवेश की अनुमति प्रदान की जाएगी।
सर्वोच्च न्यायालय में कोई कानूनी याचिका दायर करने के लिए विभिन्न प्रक्रियागत औपचारिकताओं को पूरा करने हेतु अदालत की रजिस्ट्री की विभिन्न शाखाओं तक याचियों को पहुंचने की अनुमति के मुद्दे पर हालांकि यह आदेश मौन है।
अदालत के इस आदेश के खिलाफ यह याचिका राजस्थान की एक सामाजिक संस्था सुराज इंडिया ट्रस्ट की ओर से दायर की गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications