नेपाल सरकार ने आपातकाल की संभावनाओं को खारिज किया
काठमांडू, 2 नवंबर (आईएएनएस)। नेपाल सरकार ने सत्तारूढ़ गठबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले माओवादियों के खिलाफ सेना के इस्तेमाल करने या देश में आपातकाल लागू करने की संभावनाओं को खारिज कर दिया है।
हजारों की संख्या में माओवादियों ने सभी 75 जिलों में ग्रामीण प्रशासन और नगरनिगम कार्यालयों पर लगातार दूसरे दिन भी धरना जारी रखा। वे लोगों को कहीं भी आने-जाने की इजाजत नहीं दे रहे हैं। सरकार ने इसके मद्देनजर सरकारी कार्यालयों पर सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी है।
सूचना व संचार मंत्री तथा सरकार के प्रवक्ता शंकर पोखरेल ने आईएएनएस को दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा, "हम शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों का सम्मान करते हैं। गृह मंत्रालय ने हालांकि एहतियाती कदम उठाते हुए सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी है लेकिन इससे निपटने के लिए सेना नहीं भेजी जाएगी।"
उन्होंने आपातकाल लागू करने की संभावनाओं को खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा कि माओवादियों को काठमांडू घाटी और नेपाल के एकमात्र अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे का घेराव नहीं करने दिया जाएगा।
पोखरेल ने कहा, "घेराव लोकतांत्रिक नियमों के खिलाफ है। हम इसकी अनुमति नहीं देंगे।"
आगामी 13 नवम्बर तक चलने वाले इस विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा फैलने की संभावनओं से उन्होंने इंकार नहीं किया। उन्होंने कहा, "माओवादियों द्वारा पूर्व में किए गए विरोधों को देखा जाए तो उनमें भी हिंसा हुई है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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