संयुक्त राष्ट्र महासचिव काबुल पहुंचे
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार अफगानिस्तान में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार अब्दुल्ला अब्दुल्ला द्वारा सात नवंबर को होने वाले दूसरे दौरे के मतदान का बहिष्कार करने के बाद राजनीतिक अस्थिरता की स्थिति पैदा हो गई है।
मून का काबुल दौरा इस अर्थ में भी महत्वपूर्ण है क्योंकि छह दिन पहले ही तालिबान ने संयुक्त राष्ट्र के एक गेस्ट हाउस पर कब्जा कर लिया था और उसके पांच कर्मचारियों की हत्या कर दी थी।
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता अलीम सिद्दकी ने कहा कि मून ने संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारियों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए काबुल पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रपति हामिद करजई से भी मुलाकात की। मून ने करजई के साथ मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर भी चर्चा की।
उल्लेखनीय है कि पूर्व विदेश मंत्री और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार अब्दुल्ला ने दूसरे दौर के चुनाव का बहिष्कार कर दिया है। अब्दुल्ला ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी और तीन कैबिनेट मंत्रियों को बर्खास्त करने की मांग रखी थी, जिसे करजई ने ठुकरा दिया था। इसके बाद ही उन्होंने चुनाव में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया है।
अब्दुल्ला द्वारा दूसरे दौरे के चुनाव का बहिष्कार किए जाने के बाद मैदान में अब केवल राष्ट्रपति हामिद करजई बच गए हैं।
उल्लेखनीय है कि अगस्त में हुए चुनावों के पहले दौर में धांधली के आरोप लगे थे, जिसके बाद दूसरे दौर के चुनाव की घोषणा हुई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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