भारत-ईयू सम्मेलन में शीर्ष पर होगा व्यापार, जलवायु परिवर्तन व आतंक
दिन भर चलने वाला भारत-ईयू शिखर सम्मेलन से बहुप्रतीक्षित व्यापक व्यापार और निवेश समझौतों को निर्णायक राजनीतिक बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। ये मुद्दे ईयू द्वारा बातचीत में गैर व्यापारिक मुद्दों को शामिल किए जाने की कोशिश को लेकर उत्पन्न मतभेदों के कारण फिलहाल ठंडे पड़े हुए हैं।
राजनीतिक शिखर सम्मेलन के बाद भारत-ईयू का एक व्यापारिक सम्मेलन भी होगा, जो दोनों पक्षों के शीर्ष व्यापारिक नेताओं को वैश्विक वित्तीय संकट तथा दोतरफा व्यापार व निवेश बढ़ाने के तरीकों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए एक मंच पर लाएगा। दोनों पक्ष पिछले वर्ष मारसील्स में हुए शिखर सम्मेलन में पांच वर्षो के दौरान द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना यानी 100 अरब यूरो तक ले जाने को राजी हुए थे।
उम्मीद है कि ईयू भारत को जलवायु परिवर्तन पर अपने विचारों के करीब लाने की भी कोशिश कर सकता है।
दोनों पक्ष आतंकवाद से मुकाबले के लिए व्यापक सांस्थानिक सहयोग के मुद्दे पर भी चर्चा कर सकते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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