भारत-आस्ट्रेलिया मैच से ठीक पहले कोटला में मिले थे 7 जिंदा कारतूस
पुलिस ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। मैच के दौरान स्टेडियम में 40,000 दर्शक मौजूद थे। पुलिस के बम खोजी दस्ते (बीडीएस) और डॉग स्क्वॉड ने अपने नियमित जांच अभियान के दौरान ये कारतूस बरामद किए थे।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "हमने नियमित जांच के दौरान स्टेडियम के दूसरे तले पर स्थित गुसलखाने के अंदर से कागज के एक टुकड़े में लपेटकर रखे गए सात जिंदा कारतूस बरामद किए थे। ये कारतूस 10-15 फुट की दूरी से की गई फायरिंग के दौरान काफी असरकारी साबित होते।"
अधिकारी के मुताबिक कारतूस शनिवार को 12.30 बजे बरामद किए गए जबकि मैच 2.30 बजे शुरू हुआ था। अधिकारी ने कहा, "हमने आर्म्स एक्ट के तहत आईपी एस्टेट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया है। हम यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि आखिर ये कारतूस स्टेडियम में पहुंचे कैसे? साथ ही यह भी जानने की कोशिश की जा रही है कि ये कब से स्टेडियम में पड़े हुए थे।"
पुलिस ने अपनी तहकीकात के तहत स्टेडियम प्रशासन से उन लोगों की सूची मांगी है, जो मैदान में काम करते हैं। साथ ही उन लोगों के नाम भी मांगे गए हैं, जो स्टेडियम के अंदर आराम से प्रवेश कर सकते हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मैच के दौरान अफरातफरी मचाने के मकसद से ये कारतूस स्टेडियम के अंदर रखे जा सकते हैं। अधिकारी ने कहा, "हो सकता है कि किसी ने अफरातफरी मचाने के मकसद से यह काम किया हो। यह भी हो सकता है कि किसी ने लोगों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाने के इरादे से इन्हें स्टेडियम के अंदर छुपाया हो। हम हर तरह की संभावना पर गौर कर रहे हैं।"
पुलिस ने बताया कि मैच के दिन इस बात को गुप्त रखा गया क्योंकि इससे दर्शकों और आयोजकों के बीच अनावश्यक रूप से अफरातफरी और सनसनी का माहौल पैदा हो जाता।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications