तमिलनाडु में श्रीलंकाई शरणार्थी शिविरों के लिए 12 करोड़ रुपये

मुख्यमंत्री एम.करुणानिधि द्वारा सोमवार को बुलाई गए एक उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में कहा गया कि विभिन्न मंत्री शरणार्थी शिविरों का दौरा करेंगे और 10 नवंबर तक रिपोर्ट पेश करेंगे।

शरणार्थी शिविरों का दौरा करने वाले मंत्रियों की सिफारिशों के बाद खर्च होने वाली राशि पर निर्णय लिया जाएगा। बैठक के बाद करुणानिधि ने संवाददाताओं से कहा, "शिविरों में रहने वाले लोगों को तमिलों की तरह देखा जाना चाहिए न कि शरणार्थियों की तरह।"

उल्लेखनीय है कि राज्य में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के सत्ता में आने के तुरंत बाद मंत्रियों ने शरणार्थी शिविरों का दौरा किया था और इस संबंध में रिपोर्ट भी सौंपी थी। राज्य में श्रीलंकाई शरणार्थियों के लिए पहला शिविर वर्ष 1983 में स्थापित किया गया था।

रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार ने केंद्र से 16 करोड़ रुपये की सहायता की मांग की थी हालांकि इस मामले में केंद्र सरकार अभी तक चुप्पी साधे है। दूसरी ओर राज्य सरकार ने अपने बजट में इस कार्य के लिए पांच करोड़ रुपये दिए हैं।

द्रमुक सरकार श्रीलंकाई शरणार्थियों के लिए भारतीय नागरिकता की भी मांग कर चुकी है। राज्य में 100,000 से अधिक शरणार्थी हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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