भारतीय चाट और डोसे ने बदला बांग्लादेशियों का जायका
ढाका के ज्यादा से ज्यादा रेस्तराओं और फास्ट फूड दुकानों में नाश्ते में भारतीय व्यंजन परोसने की शुरुआत हो गई है जबकि दोनों पड़ोसी दक्षिण एशियाई राष्ट्रों के शैफ यूरोपीय और अमेरिकी लोगों को स्वादिष्ट व्यंजनों के प्रति आकर्षित करने की कोशिशों में एक-दूसरे से स्पर्धा कर रहे हैं।
'ट्रेंड्स' पत्रिका की स्तंभकार मशहुरा चौधरी का कहना है कि न केवल अपने स्वाद की वजह से बल्कि स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होने की वजह से भी भारतीय व्यंजनों को दुनियाभर में बड़ी तेजी से अपनाया जा रहा है।
मशहुरा कहती हैं, "हैम्बर्गर, हॉटडॉग्स और फ्राई खाकर उबे बांग्लादेशी लोग अब अपने खाने की आदतों को बदलते दिख रहे हैं। यही कारण है कि सड़क किनारे बिकने वाले तीखे-चटपटे भारतीय व्यंजन अब रेस्तराओं में परोसे जाने लगे हैं।"
बांग्लादेश के एक अन्य शहर बनानी के मशहूर रेस्तरां 'रोल एक्सप्रेस' में परोसे जाने वाले व्यंजनों की सूची में प्रमुख रूप से भारतीय व्यंजन शामिल किए गए हैं यद्यपि यहां परोसे जाने वाले कुछ व्यंजन पूरी तरह पश्चिमी हैं।
'रोल एक्सप्रेस' में 32 विभिन्न प्रकार के रोल्स परोसे जाते हैं। इनमें स्पेशल चिकन टिक्का रोल, स्पेशल चिकन हरियाली रोल, चिकन पनीर रोल और बीफ पनीर रोल शामिल हैं। यहां परोसी जाने वाली पापड़ी चाट, राज कचौड़ी और दही फुचका भी लोगों को आकर्षित करती हैं।
'ढाबा' रेस्तरां में सात विभिन्न प्रकार के कोलकाता रोल्स मिलते हैं। यह रेस्तरां एक विशेष प्रकार की चाट 'चुरमुर' के लिए प्रसिद्ध है। यह रेस्तरां भेल-पूरी, गरम फुचका और दही फुचका के लिए भी मशहूर है।
लेखिका के मुताबिक बांग्लादेशी मॉडलों रूमा, शोख, जुनात और लाबोनी को भारतीय चाट बहुत पसंद है। वे डोसा, उत्तपम, खाने के लिए अक्सर रेस्तरां जाती हैं। दूसरे लोगों के साथ इन्हें भी मुख्य रूप से 'बटर स्पेशल मसाला डोसा', 'चीस स्पेशल मसाला डोसा' और 'बटर कैप्सिकम मसाला डोसा' पंसद हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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