नेपाल में माओवादियों के विरोध का पहला दिन शांतिपूर्ण बीता
हाथों में जलती मशाल लिए सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों ने राजधानी काठमांडू में कड़ी सुरक्षा के बीच मार्च किया। हिंसा और तोड़-फोड़ की आशंका के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
माओवादियों के प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल प्रचंड ने मशाल रैली को हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही विरोध की एक नई श्रंखला का शुरुआत हो गया। इस श्रृंखला का समापन 10 नवंबर को नेपाल के इकलौते अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को जाम करने के साथ होगा।
प्रचंड ने कम्युनिस्ट नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार को चेतावनी दी है कि विरोध प्रदर्शन हालांकि शांतिपूर्ण होना है, लेकिन यदि प्रशासन ने इसे सुरक्षा बलों के जरिए कुचलने की कोशिश की तो यह पूर्णरूप से हिंसक हो जाएगा।
माओवादियों ने सोमवार को नेपाल के सभी 75 जिलों में सभी गांवों और नगर प्रशासन कार्यालयों पर धरना देने की घोषणा की है। इस दौरान शक्ति परीक्षण की आशंका बनी हुई है।
सरकार ने माओवादियों से विरोध का रास्ता छोड़ कर संवैधानिक समाधान के लिए बातचीत के लिए आगे आने का आग्रह किया है। इसके साथ ही सरकार ने चेतावनी भी दी है कि वह विरोध प्रदर्शन के नाम पर हिंसा और तोड़-फोड़ की अनुमति नहीं देगी।
गुरुवार और शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन के तहत सभी जिला प्रशासन कार्यालयों पर धरना देने का कार्यक्रम है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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