अफगानिस्तान में दूसरे दौर के चुनाव से हटे अब्दुल्लाह (लीड-2)
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक अब्दुल्ला द्वारा दूसरे दौरे के चुनाव से खुद को अलग किए जाने के बाद मैदान में अब केवल राष्ट्रपति हामिद करजई बच गए हैं। इससे करजई के प्रशासन की वैधता पर संदेह पैदा हो गया है।
अब्दुल्लाह ने रविवार सुबह अपने सैकड़ों समर्थकों के बीच घोषणा की, "मैं इस बात को फिर से दोहरा रहा हूं कि सरकार और चुनाव आयोग द्वारा लिए गए अनुचित निर्णय के विरोध में मैं सात नवंबर के चुनाव में हिस्सा नहीं लूंगा।"
अब्दुल्लाह ने कहा, "आज मैंने एक सख्त निर्णय लिया है। मैं अपने निर्णय को अंतिम और निर्णायक मानता हूं।"
पूर्व विदेश मंत्री अब्दुलाह ने दूसरे दौरे के चुनाव के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी को बर्खास्त करने और तीन कैबिनेट मंत्रियों को निलंबित करने की मांग रखी थी, जिसे करजई ने ठुकरा दिया था। इसके बाद ही उन्होंने चुनाव में हिस्सा न लेने का फैसला किया है।
काबुल में अपने आवास पर एक संवाददाता सम्मेलन में अब्दुलाह ने कहा, "मैंने बहिष्कार का आह्वान नहीं किया है। यदि हालात थोड़े बहुत भी अनुकूल होते तो मैं चुनाव में हिस्सा लेता, लेकिन पारदर्शी चुनाव संभव नहीं है।"
करजई के प्रचार दल के प्रवक्ता वाहिद उमर ने कहा कि अब्दुल्लाह का चुनाव मैदान से हटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन इससे चुनाव प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी।
उमर ने बीबीसी को बताया, "यह एक निजी निर्णय है, जिससे चुनाव प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी। चुनाव प्रक्रिया जारी रहेगी। प्रक्रिया को अपने आप पूरा होना है, अफगानिस्तान की जनता को वोट देने का अधिकार है।"
उल्लेखनीय है कि अगस्त में हुए चुनाव के पहले दौर में धांधली के आरोप लगे थे, जिसके बाद दूसरे दौर के चुनाव की घोषणा हुई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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