चिकित्सक हाइड्रोथेरेपी को बढ़ावा दें : खान
खान रविवार को यहां दिशा स्कूल में दो दिवसीय फिजियोथेरेपी में हाइड्रोथैरेपी 'मेकिंग वेव्ज इन पीड्रियोटिक थेरेपी' विषय पर हुई कार्यशाला के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि थे। इस कार्यशाला का आयोजन दिशा संस्था और संतोकबा दुर्लभजी अस्पताल द्वारा किया गया।
उन्होंने कहा कि हाइड्रोथेरेपी फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में नई खोज है तथा इसके अच्छे परिणाम भी मिले हैं, अत: इस क्षेत्र में कार्य कर रहे चिकित्सकों को इस नई तकनीक को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह थेरेपी अक्षम बच्चों में विशेष रूप से कारगर है।
खान ने कहा कि विश्व में लगभग 60 करोड़ लोग शारीरिक रूप से अक्षम हैं, जबकि भारत में इसका प्रतिशत 3.7 है तथा हमारे राज्य में भी यह संख्या काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि अक्षम लोगों के पुनर्वास के लिए कार्य करना निश्चित ही चुनौती भरा काम है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस कार्यशाला में प्रशिक्षित हुए लोग अपने-अपने क्षेत्रों में इस पद्घति को प्रचारित कर लोगों को इसका लाभ पहुंचाएंगे।
हाइड्रोथैरेपी की ट्रेनिंग देने के लिए चेन्नई से आए बाल फिजियोथेरेपी विशेषज्ञ डॉ.कार्तिक रंगनाथराव ने बताया कि पानी में मांसपेशियों से संबंधित समस्या में हाइड्रोथैरेपी अधिक कारगर रहती है, क्योंकि पानी में शरीर हल्का रहता है तथा खिंचाव भी कम रहता है। उन्होंने बताया कि बच्चों के लिए यह थेरेपी काफी कारगर रहती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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