जयपुर में अभी भी धधक रही है आग, मृतकों की संख्या 10 हुई (लीड-1)
अधिकारियों ने कहा कि वे ईंधन के पूरी तरह जल कर समाप्त हो जाने का इंतजार कर रहे हैं।
जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा, "हम ईंधन के जल कर समाप्त होने का इंतजार कर रहे हैं। ईंधन के जलने तक हम कुछ भी नहीं कर सकते। हमारी सूचना के अनुसार तीन टैंकों में भरा केरोसिन तेल पूरी तरह जल चुका है।"
अधिकारी ने कहा कि पेट्रोल और डीजल के एक-एक टैंक में अभी भी लपटें उठ रही हैं और इन टैंकों का ईंधन जलने में थोड़ा वक्त लग सकता है।
अधिकारी ने कहा, "यद्यपि इस बारे में अभी कुछ कह पाना कठिन है, लेकिन ईंधन को पूरी तरह जलने में 12 से 24 घंटे का समय और लग सकता है।"
प्रशासन ने सेना के सहयोग से डिपो के चारों ओर खाई खोद दी है ताकि जल रहे टैंकों से निकल कर ईंधन आसपास के हिस्सों में न फैल सके और आग को नियंत्रित किया जा सके।
आईओसी अधिकारियों का मानना है कि पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके डिपो के पुनर्निर्माण में एक वर्ष से अधिक का समय लगेगा।
राज्य के गृह सचिव प्रदीप सेन ने आईएएनएस को बताया, "रविवार को हमने दुर्घटनास्थल से दो और शव बरामद किए हैं।" शनिवार को दुर्घटना स्थल से तीन शव बरामद किए गए थे।
अभी तक बरामद शवों में पांच शव इंडियन ऑयल के कर्मचारियों के हो सकते है। आग गुरुवार शाम करीब 7.15 बजे भड़की थी। आग ने पास में स्थित एग्रो फूड सेंटर और पॉवर ग्रिड को भी अपनी चपेट में ले लिया है।
शुक्रवार को पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने दुर्घटना स्थल का दौरा किया था और सवाई मानसिंह अस्पताल में घायलों का हाल-चाल लिया था। देवड़ा ने कहा था कि इंडियन ऑयल के डिपो में लगी आग में पूरे ईंधन को जलने देने के अलावा फिलहाल कोई अन्य विकल्प नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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