कर्नाटक की लड़ाई दिल्ली पहुंची, शह-मात का खेल जारी
येदियुरप्पा खेमे ने दावा किया कि केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें आश्वस्त किया है कि किसी भी सूरत में कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन नहीं किया जाएगा जबकि असंतुष्टों का खेमा अपनी मांग पर अड़ा हुआ है। असंतुष्टों का कहना है कि प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन ही एकमात्र विकल्प है।
कर्नाटक के गृह मंत्री वी. एस. आचार्य, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सदानंद गौड़ा और नई दिल्ली में येदियुरप्पा के विशेष प्रतिनिधि व पूर्व सांसद धनंजय कुमार सहित लगभग आधा दर्जन नेताओं ने येदियुरप्पा के प्रतिनिधि के तौर पर रविवार को वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह, राज्यसभा विपक्ष के नेता अरुण जेटली, लोकसभा में विपक्ष की उपनेता सुषमा स्वराज से अलग-अलग मुलाकात की।
धनंजय कुमार ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "मैंने आडवाणी, राजनाथ और सुषमा से मुलाकात की। तीनों ने साफ-साफ कहा कि कर्नाटक में कोई नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा।"
उन्होंने कहा, "मैंने इन नेताओं को कर्नाटक के मौजूदा संकट के बारे में विस्तार से बताया। संकट के कारण भी बताएं। तीनों ने मुझे आश्वस्त किया है कि येदियुरप्पा ही मुख्यमंत्री बने रहेंगे।"
आचार्य ने आडवाणी से मुलाकात के बाद पत्रकारों से चर्चा में कहा कि राज्य मंत्रिपरिषद में कुछ मतभेद उभर कर सामने आए हैं जो कि सामान्य है। हम एक दो दिनों में इसे सुलझा लेंगे।
उधर, विधानसभा अध्यक्ष जगदीश शेट्टर को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग कर रहे रेड्डी बंधुओं जनार्दन रेड्डी और करूणाकर रेड्डी के समर्थकों ने भी पार्टी के केंद्रीय नेताओं से मुलाकात की। खुद शेट्टर ने जेटली, पार्टी महासचिव अनंत कुमार सहित अन्य नेताओं से मुलाकात की।
उधर, मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने बेंगलुरू में एक कार्यक्रम के दौरान असंतुष्टों को जमकर आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जहां प्रदेश बाढ़ के अब तक के सबसे बड़े संकट का सामना कर रहा है, वहीं उनकी कैबिनेट के कुछ सहयोगी सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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