थमी नहीं इंडियन ऑयल डिपो में लगी आग
अधिकारियों का कहना है कि डिपो के ईंधन भंडार के पूरी तरह जलने की प्रतीक्षा की जा रही है, इसके बाद ही आग बुझ सकेगी। एक अधिकारी ने कहा, "आग ज्यादा फैलने से रोकने के लिए कदम उठाए गए हैं। फिलहाल आग के स्वयं बुझने की प्रतीक्षा करने के अलावा ज्यादा कुछ नहीं किया जा सकता।"
आग गुरुवार शाम करीब 7.15 बजे भड़की थी। आग ने करीबी एग्रो फूड सेंटर और पावर ग्रिड को भी अपनी चपेट में ले लिया।
जयपुर के जिलाअधिकारी कुलदीप रांका ने बताया, "इस घटना में कम से कम पांच लोग मारे गए हैं।" डिपो के छह कर्मचारी भी लापता बताए जा रहे हैं।
शुरुआती खबरों में कहा गया कि इलाके में मौजूद 1,100 इकाइयों में से 500 क्षतिग्रस्त हुई हैं। सीतापुर औद्योगिक क्षेत्र के अध्यक्ष एस. एन. काबरा ने आईएएनएस को बताया, "हर इकाई के क्षतिग्रस्त होने से 500,000-700,000 रुपये का नुकसान हुआ है। इस नुकसान में हमारा उत्पादन मूल्य शामिल नहीं है।"
काबरा ने इस तरह की आपदा से निपटने के लिए सरकार के तैयार न होने की आलोचना की।
अब सरकार ने सभी तेल और गैस डिपो को रिहायशी इलाकों से कम से कम 35 किलोमीटर दूर ले जाने की योजना बनाई है।
इससे पहले शुक्रवार को पेट्रोलयम मंत्री मुरली देवड़ा घटना स्थल का दौरा किया और सवाई मानसिंह अस्पताल में घायलों का हाल-चाल पूछा। देवड़ा ने कहा था कि इंडियन ऑयल के डिपो में लगी आग में पूरे ईंधन को जलने देने के अलावा फिलहाल कोई अन्य विकल्प नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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