पुष्कर मेला : कार्तिक त्रयोदशी पर हजारों श्रद्वालुओं ने किया स्नान
मेले मे विदेशी पर्यटक कैमल सफारी का आनन्द ले रहे हैं और क्राफ्ट बाजार में सजावटी दस्तकारी सामान को देखकर प्रभावित हैं। राजस्थानी लोक कला संस्कृति और मेला मैदान पशुओं की दौड़ विदेशी सैलानियों का मनोरंजन कर रही है।
मेला अधिकारी एवं पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. एस.एस. चन्द्रावत ने बताया कि मेले में 19 हजार 204 पशु आ चुके हैं, जिनमें 5 हजार 319 गौ वंश, 902 भैंस वंश, सर्वाधिक 8 हजार 762 ऊंट, 4 हजार 213 अश्व, 4-4 बकरा बकरी व गधे आये हैं।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार तक 7 हजार 286 पशु रवाना हो चुके थे। पशुपालकों के मध्य 7 हजार 395 पशुओं की खरीद फरोख्त में 6.85 करोड़ रु. का कारोबार हुआ। सर्वाधिक 2 हजार 929 गाय वंश की खरीद फरोख्त हुई है।
दुग्ध प्रतियोगिता के परिणाम :
पशुपालन विभाग द्वारा आयोजित दुग्ध दोहन प्रतियोगिता आज संपन्न हो गई। इसमें संकर होलिस्टीन नस्ल की सुगन चन्द जोशी की गाय ने 24 घन्टे में 34.046 लीटर, गीर नस्ल में वीरम सिंह गुर्जर की गाय ने 20.376 लीटर दूध देकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। संकर रेड्डेन नस्ल में भी सुगन चन्द की गाय प्रथम रही। इसने 24 घंटे में 24.153 लीटर दूध दिया।
रविवार के कार्यक्रम :
एक नवम्बर को प्रात: दस बजे मेला मैदान मे गीर एवं संकर नस्ल पशु प्रतियोगिता के बाद म्यूजिकल कुर्सी दौड होगी। दोपहर एक बजे अन्तर पंचायत समिति खेलकूद प्रतियोगिता के फाइनल मैच होंगे। अपराह्न 3 बजे पशु प्रतियोगिता होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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