पाकिस्तान के प्रधान न्यायाधीश आपातकाल से जुड़े मामलों की सुनवाई से हटे
जियो टीवी ने शुक्रवार को खबर दी है, "मुख्य न्यायाधीश इफ्तिखार चौधरी ने खुद को उस पीठ से अलग कर लिया है जो प्रोविजनल कांस्टीट््यूशन आर्डर (पीसीओ) के तहत नियुक्त न्यायाधीशों की बिना शर्त माफी और अदालत की अवमानना मामले की सुनवाई करेगी।
खबर में कहा गया है, "कुछ सार्वजनिक मंचों पर यह सुझाव दिया गया था कि प्रधान न्यायाधीश को इस मामले की सुनवाई करने वाली पीठ की अध्यक्षता नहीं करनी चाहिए।"
तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ 3 नवंबर, 2007 को आपातकाल लागू करने के साथ पीसीओ की घोषणा की थी जिसके तहत अपना कार्यकाल जारी रखने के इच्छुक सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के सभी न्यायाधीशों को नए सिरे से शपथ लेने को कहा गया था। इफ्तिखार चौधरी और सर्वोच्च न्यायालय की समूची पीठ और उच्च न्यायालयों के 60 न्यायाधीशों ने इस आदेश को नजरअंदाज कर दिया था। इसके बाद मुर्शरफ ने इन न्यायाधीशों को बर्खास्त कर दिया था। इसके बाद चौधरी के स्थान पर डोगर को प्रधान न्यायाधीश बनाया गया था।
मार्च में न्यायाधीशों की बहाली के बाद सर्वोच्च न्यायालय में एक याचिका दाखिल कर आपातकाल को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई थी। अदालत ने 31 जुलाई को पीसीओ न्यायाधीशों से बिना शर्त माफी मांगने या अवमानना की कार्यवाही का सामना करने को कहा था। अदालत ने डोगर की नियुक्ति को भी असंवैधानिक बताया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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