अलकायदा के खिलाफ पाकिस्तानी रवैये पर क्लिंटन ने सवाल खड़ा किया (लीड-2)
क्लिंटन ने गुरुवार को समाचार पत्र संपादकों के एक समूह के साथ बातचीत में कहा था, "वर्ष 2002 से ही पाकिस्तान अलकायदा के लिए सुरक्षित पनाहगाह बना हुआ है। इस बात पर भरोसा करना कठिन है कि पाकिस्तान सरकार में किसी को भी अलकायदा के ठिकानों के बारे में जानकारी नहीं है और वाकई में चाहते हुए भी वे उन्हें नहीं पकड़ पा रहे हैं।"
क्लिंटन ने कहा है, "हो सकता है कि ऐसा हो, यह भी हो सकता है कि वे पकड़ से बाहर हों। मैं इसके बारे में कुछ नहीं जानती। लेकिन जहां तक मुझे पता है, वे सब पाकिस्तान में ही हैं।"
ज्ञात हो कि पाकिस्तानी नेतृत्व की ओर से बार-बार यह कहा जाता रहा है कि अलकायदा नेता पाकिस्तान में नहीं हैं।
न्यूयार्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि क्लिंटन की टिप्पणी से पाकिस्तान सरकार परेशान हो गई है और पाकिस्तानी अधिकारियों ने क्लिंटन की टिप्पणी को खारिज कर दिया है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा है, "यदि हमें अलकायदा नेताओं के ठिकानों के बारे में पता होता या हमें उनके ठिकानों के बारे में अर्थपूर्ण खुफिया जानकारी मुहैया कराई गई होती तो हम निश्चत रूप से उनके खिलाफ कार्रवाई करते।"
न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार क्लिंटन ने कहा है कि पाकिस्तान ने अपने यहां मौजूद अलकायदा के कई बड़े आतंकवादियों को पकड़ने या उन्हें मारने का मौका खो दिया है।
क्लिंटन की इस टिप्पणी के एक दिन पहले यानी बुधवार को उनके इस्लामाबाद पहुंचने के चंद घंटे बाद ही उत्तर पश्चिमी शहर पेशावर में एक भीड़ भरे बाजार में हुए एक कार बम विस्फोट में 110 लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में ज्यादातर बच्चे व महिलाएं शामिल थीं।
गौरतलब है कि हिलेरी क्लिंटन पाकिस्तान के आधिकारिक दौरे पर हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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