प्रधानमंत्री की घोषणा के अनुरूप नहीं मिले मुआवजे
गुवाहाटी, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। असम में पिछले साल 30 अक्टूबर को हुए सिलसिलेवार बम विस्फोटों के पीड़ित परिवारों को आज तक मुआवजा नहीं मिला है। विस्फोट के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हादसे में मारे गए लोगों को 200,000 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की थी।
बम विस्फोट में अपने पुत्र को खो चुके सुनील दास ने आईएएनएस को बताया, " मेरे बेटे की मौत एक अपूरणीय क्षति है जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती। लेकिन यह दुख की बात है कि प्रधानमंत्री की घोषणा के अनुसार आज तक पीड़ितों को मुआवजा राशि नहीं मिल पाई है।"
गौरतलब है कि पिछले साल 30 अक्टूबर को कोकराझार के जिला मुख्यालय में हुए विस्फोट में सुनील दास ने अपने बेटे अजय को खो दिया था।
अजय अपने परिवार में कमाने वाला एकमात्र व्यक्ति था। उसके परिवार में उसके पिता सुनील दास के अलावा मां कल्पना और एक छोटा भाई और बहन हैं।
सनील का परिवार उन परिवारों में से एक है जिनको अभी तक प्रधानमंत्री द्वारा घोषित मुआवजा राशि नहीं मिली है।
राज्य में पिछले साल 30 अक्टूबर को चार जिलों में नौ बम धमाके हुए थे। गुवाहाटी में तीन, कोकराझार में तीन, बरपेटा में दो और बोंगाइगांव में एक बम धमाका हुआ था। इन सिलसिलेवार बम विस्फोटों में लगभग 100 लोगों की मौत हुई थी और 540 लोग घायल हुए थे।
गुवाहाटी के गणेशगुरी में हुए बम विस्फोट में अपनी मां को खो चुके जोएदेव मंडल ने कहा, "हम प्रधानमंत्री द्वारा घोषित मुआवजा राशि के लिए कई बार उपायुक्त कार्यालय का चक्कर लगा चुके हैं। अधिकारियों की प्रतिक्रिया हमेशा नकारात्मक थी और किसी ने इस बारे में जानकारी नहीं दी।"
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह असम से राज्य सभा के सदस्य हैं और शहर के एक पंजीकृत मतदाता हैं। प्रधानमंत्री के घर का पता विस्फोट स्थल से बमुश्किल 500 मीटर ही दूर है।
इस विस्फोट में पीड़ित परिवारों को 300,000 रुपये की मुआवजा राशि राज्य सरकार से मिल चुकी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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