प्रधानमंत्री ने बुश को 'महान मित्र' बताया और सम्मान में दिया भोज (लीड-1)
प्रधानमंत्री ने 7, रेसकोर्स रोड स्थित अपने सरकारी निवास में बुश से भारत-अमेरिकी संबंधों के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की। परमाणु समझौते को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए उन्होंने बुश को धन्यवाद भी दिया।
प्रधानमंत्री ने बुश को कहा कि उनका ध्यान 24 नवम्बर को वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से अपनी प्रस्तावित मुलाकात पर केंद्रित है। ओबामा के राष्ट्रपति बनने के बाद यह पहली द्विपक्षीय वार्ता होगी।
बुश के सम्मान में आयोजित दोपहर भोज में नेता प्रतिपक्ष लालकृष्ण आडवाणी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी, विदेश मंत्री एस. एम. कृष्णा भी शामिल हुए।
बुश ने इस बीच हिन्दुस्तान टाइम्स को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "निश्चित तौर पर बराक ओबामा भारत के साथ मिलकर काम करेंगे। उन्होंने अपने बयानों के जरिए भी यह स्पष्ट कर दिया है। मेरा मानना है कि भविष्य के अमेरिकी राष्ट्रपति बतौर वैश्विक सहयोगी और विश्व परिदृश्य में भारत के बढ़ते प्रभाव के महत्व को समझेंगे।"
इससे पहले, प्रधानमंत्री ने 'हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट' में अपने संबोधन में बुश को 'देश का महान मित्र' बताया। उन्होंने कहा, "इस वर्ष हमें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जार्ज बुश को सुनने का मौका मिलेगा जो कि देश के एक महान मित्र हैं।"
राष्ट्रपति का कार्यकाल खत्म होने के बाद पहली दफा भारत के दौरे पर आए बुश शनिवार को इसी समारोह में भारत-अमेरिकी संबंधों पर अपनी राय रखेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते को सफल बनाने में उनकी भूमिका का भारत सदैव आदर करता है। हम अपने परमाणु कार्यक्रम को गति देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय मित्र देशों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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