अधूरा रह गया आकाश में खाने-पीने का सपना
इस खास शुरूआत में 22 लोगों की क्षमता वाली एक बहुत बड़ी मेज को क्रेन की मदद से धरती से 150 फुट ऊपर ले जाया जाता था। पन्द्रह से 20 मिनट अवधि तक इस मेज पर आकाश में बैठने का मजा लेने के लिए लोगों को प्रति व्यक्ति 500 रुपये अदा करने पड़ते थे। इस अवधि के दौरान उन्हें नाश्ता और पेय पदार्थ परोसे जाते थे।
'कमांडो केटर्स प्राइवेट लिमिटेड' (सीसीपीएल) कंपनी ने यह शुरूआत की थी। कंपनी ने इसके लिए बेल्जीयम से मशीनें मगाई थीं। कंपनी का आरोप है कि चण्डीगढ़ के वित्त सचिव संजय कुमार ने परियोजना के लिए रुकावटें खड़ी की थीं।
संजय कुमार कहते हैं, "मैं नहीं जानता कि वह इस विवाद में मेरा नाम क्यों खींच रहे हैं जबकि मैं उन्हें जानता भी नहीं हूं। मुझे उनसे या उनकी इस परियोजना से कोई परेशानी क्यों होगी? मैंने किसी के भी साथ बुरा व्यवहार नहीं किया था। यह मेरी स्वच्छ छवि पर दाग लगाने की एक कोशिश है।"
सीसीपीएल के निदेशक कंवलजीत सिंह वालिया ने 24 अक्टूबर को चण्डीगढ़ प्रशासन के निगरानी विभाग व वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को 10 पन्नों की शिकायत सौंपकर मामले की विस्तृत जांच कराने की मांग की है।
वालिया ने आईएएनएस से कहा, "संजय कुमार मेरे बहुत अच्छे मित्र थे लेकिन आज वह कह रहे हैं कि वह मेरा नाम तक नहीं जानते हैं। सब कुछ बहुत अच्छी तरह चल रहा था और वह भी डीआईटीएस की पहल के समर्थन में थे। लेकिन एक बार जब हमने उन्हें इस परियोजना का हिस्सेदार बनाने से मना कर दिया तो चीजें पूरी तरह बदल गईं।"
चण्डीगढ़ के सांस्कृतिक केंद्र 'कलाग्राम' में 24 अक्टूबर को सीसीपीएल और बेल्जियम की कंपनी डीआईटीएस ने संयुक्त रूप से इसकी शुरूआत की थी। चण्डीगढ़ के 'कलाग्राम' में 24 अक्टूबर से दो नवम्बर तक आयोजित होने वाले पहले 'नेशनल क्राफ्ट्स मेला' में आने वाले लोगों के बीच यह नई शुरुआत आकर्षण का केंद्र बन गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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