बटला हाउस मुठभेड़ की स्वतंत्र न्यायिक जांच नहीं : न्यायालय
प्रधान न्यायधीश न्यायमूर्ति के. जी. बालाकृष्णन और न्यायधीश न्यायमर्ति पी. सथशिवम व न्यायमूर्ति बी. एस. चौहान की खंडपीठ ने यह कहते हुए इस याचिका को खारिज कर दिया कि पुलिस पर फायरिंग करने वाले सशस्त्र युवक निर्दोष नहीं हो सकते।
गैर सरकारी संगठन 'ऐक्ट नाउ फॉर हारमनी एंड डेमोक्रेसी' (अनहद) की ओर से दायर इस याचिका में दिल्ली उच्च न्यायालय के उस फैसले को भी चुनौती दी गई थी जिसमें इस मामले में दिल्ली पुलिस को क्लीन चिट दी गई थी।
गौरतलब है कि 19 सितम्बर, 2008 को बटला हाउस में मुठभेड़ में दो संदिग्ध आतंकवादी मारे गए थे। इस मुठभेड़ में दिल्ली पुलिस के निरीक्षक मोहन चंद शर्मा भी शहीद हो गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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