सनातन संस्था ने पूछा, राजनीतिज्ञ बरी क्यों हो जाते हैं?
सनातन संस्था के प्रबंध न्यासी वीरेन्द्र मराठी ने कहा, "आप इस उदाहरण पर गौर करें। आखिर महाराष्ट्र पुलिस ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता शरद पवार से पूछताछ क्यों नहीं की, जबकि पार्टी के वरिष्ठ नेता पद्मसिंह पाटिल को हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था।"
मराठी ने कहा कि संस्था के सदस्यों को मीडिया, पुलिस और राजनीतिज्ञ निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा, "सनातन संस्था हिंसा में विश्वास नहीं करती है लेकिन यदि एक संगठन को उसके दो सदस्यों को धमाके के आरोप में परेशान किया जा रहा है ऐसे में तो पाटिल को हत्या का आरोपी बनाए जाने के बाद राकांपा अध्यक्ष पवार से भी पूछताछ होनी चाहिए।"
उल्लेखनीय है कि 16 अक्टूबर को मडगांव में हुए विस्फोट में सनातन संस्था के दो सदस्यों की मौत हो गई। ये दोनों विस्फोटक लेकर जा रहे थे। विस्फोट में संस्था के कार्यकर्ता मालगोंडा पाटिल की मौत हो गई थी। पाटिल के अलावा संस्था के अन्य सदस्य योगेश नाइक की भी मौत हो गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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