उप राष्ट्रपति ने किया शिक्षा के अधिकार पर सम्मेलन का उद्घाटन
इस अवसर पर उद्घाटन भाषण में अंसारी ने कहा कि 6-14 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों को मुफ्त तथा अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा मुहैया कराने में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद छह दशक लग गए। पिछले महीने ही संसद ने शिक्षा का अधिकार विधेयक पारित किया है जो एक ऐतिहासिक कदम है और यह हमारे नागरिकों को शिक्षा की मांग का अधिकार देता है ताकि प्रत्येक नागरिक अपनी संपूर्ण क्षमताओं का विकास कर सके।
उन्होंने कहा कि राज्य का शिक्षा के क्षेत्र में प्रभावी रिकॉर्ड रहा है। अब राज्य के सामने प्रश्न है कि क्या छात्रों के औपचारिक नामांकन से कोई शिक्षा संबंधी सकारात्मक परिणाम आया है। हमें प्रश्न पूछने की जरूरत है कि क्या हमारे बच्चों ने स्कूली शिक्षा के दौरान आवश्यक कौशल प्राप्त कर लिया है, क्या जब वे स्कूली शिक्षा को पूरा कर लेंगे तो उनके पास व्यावसायिक, तकनीकी, सामाजिक तथा जीवनोपयोगी कौशल होगा।
उन्होंने कहा कि हमारी शिक्षा व्यवस्था के परिणाम ही हमारे नागरिकों का भविष्य नियत करते हैं। नागरिकों के रूप में उनके अधिकार तथा दायित्व, आधारभूत राजनीतिक, संवैधानिक तथा विधिक योजनाओं के बारे में जागरूकता विद्यालयों में प्रदान कर दी जाती है। हालांकि नागरिकों का और अधिक सशक्तिकरण केवल सिक्किम राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के द्वारा चलाए जा रहे विशेषीकृत तथा विशिष्ट विधि-विषयक जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए ही किया जा सकता है। उन्होंने आशा जताई कि राज्य में और विधिक जागरूकता को बढ़ाने के लिए नागरिक समाज तथा सरकार के बीच मौजूदा सहयोग को जारी रखना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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