बेटी ने मां को मुखाग्नि दी
रतलाम की अमृत सागर कालोनी में रहने वाली लीलाबाई की दो बेटियां लक्ष्मी बाई और दुर्गा हैं। लीला बाई का कोई बेटा नहीं है लिहाजा उनकी अंतिम इच्छा थी कि उनका अंतिम संस्कार बेटी ही करे। नाती-पोतों वाली 60 वर्षीय लक्ष्मी बाई को परंपराओं का हवाला देकर कुछ लोगों ने समझाने की कोशिश की,कि वह अंतिम संस्कार नहीं करें लेकिन वह मां की इच्छा को पूरा करने से पीछे हटने को तैयार नहीं थी।
लक्ष्मी बाई ने शमशान घाट पर पहुंच कर अपनी मां का सनातन परंपरा के मुताबिक अंतिम संस्कार किया। लक्ष्मी बाई ने कहा, "मां की इच्छा थी कि उनकी बेटी ही अंतिम संस्कार करे और उन्हीं की इच्छा को मैंने पूरा किया है। मेरी मां के लिए उसकी बेटियां ही बेटे के समान थीं, इसीलिए वह अंतिम संस्कार भी बेटी के हाथ से चाहती थी। मुझे ऐसा करने में कोई बुराई भी नजर नहीं आती।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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