रेलगाड़ी अपहरण में तृणमूल के समर्थन की जांच हो : माकपा

मंगलवार को भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस को नक्सली समर्थित जनजातीय कार्यकर्ताओं द्वारा घंटों रोके जाने की घटना के संदर्भ में माकपा ने कहा, "पूरी घटना से कई प्रश्न उठते हैं, जिनकी जांच की आवश्यकता है।"

माकपा ने कहा कि राजधानी और शताब्दी में यात्रा करने वाले सभी जानते हैं कि रेलगाड़ी की रफ्तार करीब 120 किलोमीटर प्रतिघंटा होती है और पटरी पर अवरोध दिखने के बावजूद आपात ब्रेक लगाने से रेलगाड़ी और पटरी दोनों क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।

पार्टी के मुखपत्र 'पीपुल्स डेमोक्रेसी' के ताजा अंक में कहा गया है कि इस मामले में रेलगाड़ी शांतिपूर्ण तरीके से एक हाल्ट पर रुक गई।

रेलगाड़ी के अपहरण की पहली सूचना मिलने पर तृणमूल प्रमुख और रेलमंत्री ममता बनर्जी की पहली प्रतिक्रिया पर भी माकपा ने सवाल उठाया। बनर्जी ने कहा कि माकपा कार्यकर्ताओं ने उनके नाम को बदनाम करने के लिए रेलगाड़ी रोकी है।

माकपा के अनुसार नक्सली समर्थक जनजातीय कार्यकर्ताओं के रेलगाड़ी रोकने का समाचार मिलने के बाद रेलमंत्री ने उनसे संवाद की इच्छा जताई।

इसके अलावा केंद्रीय मंत्रिमंडल के तृणमूल सदस्य शिशिर अधिकारी ने घटना के तुरंत बाद कहा कि उन्हें पहले से पता था कि ऐसी घटना हो सकती है।

माकपा के अनुसार प्रधानमंत्री को निश्चय की अपने मंत्री की इस जानकारी के स्रोत की जांच करनी चाहिए और देश को सूचित करना चाहिए।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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