कर्नाटक में भाजपा सरकार का संकट गहराया
जेटली से दिन के दूसरे दौर की बातचीत के बाद येदियुरप्पा ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व से पर्यटन मंत्री जी. जनार्दन रेड्डी, राजस्व मंत्री जी. करूणाकर रेड्डी और स्वास्थ्य मंत्री बी. श्रीरामुलु के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने कहा, "उनकी मांगों के आगे मैं झुकने वाला नहीं हूं। उन्होंने बेल्लारी जिले में एक कार्यक्रम के दौरान मेरी आलोचना की, जहां उन्होंने बाढ़ पीड़ितों के लिए एक आवास कार्यक्रम की शुरुआत की। मैं इन सब चीजों से घबराने वाला नहीं हूं।"
जेटली ने गुरुवार को रेड्डी बंधुओं को समझाने का प्रयास किया और समझौता कराने की कोशिश की लेकिन इसके सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आ पाए हैं। जेटली ने श्रीरामुलु से भी मुलाकात की।
करूणाकर रेड्डी ने कहा, "हम अपना निर्णय दो नवम्बर को बताएंगे।"
इस बीच जनार्दन रेड्डी अपने समर्थक विधायकों के एक समूह को लेकर हैदराबाद चले गए हैं और ऐसे ही विधायकों के एक समूह को गोवा ले जाने की योजना बना रहे हैं ताकि वे मुख्यमंत्री के खेमे में न चले जाएं।
बताया जाता है कि भाजपा के 117 विधायकों में से 30 रेड्डी बंधुओं के साथ हैं।
इस संकट की शुरुआत रेड्डी भाइयों द्वारा अपने गृह जिले बेल्लारी में बाढ़ पीड़ितों के लिए 50,000 घरों का निर्माण कार्य पिछले दिनों आरंभ करने से हुई। इसके लिए उन्होंने खुद पैसे लगाए और अन्य खदान मालिकों से चंदा लिया।
येदियुरप्पा चाहते थे कि बाढ़ राहत व पुनर्वास कार्य निजी तौर पर न करके सरकार के सामूहिक प्रयास से किया जाए लेकिन रेड्डी भाइयों ने उनकी नहीं सुनी और घर बनाने के लिए भूमि पूजन भी कर दिया। इस भूमि पूजन के कार्यक्रम में येदियुरप्पा को भी आमंत्रित नहीं किया।
भूमि पूजन के दिन ही येदियुरप्पा ने रेड्डी भाइयों के करीबी पांच वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर दिया। येदियुरप्पा ने इनके तबादले के पीछे यह तर्क दिया कि राहत व पुनर्वास कार्यो का क्रियान्वयन बेहतर तरीके से सुनिश्चित हो सके, इसके लिए उनके तबादले किए गए। रेड्डी भाइयों ने मुख्यमंत्री के इस कदम को दलित विरोधी बताया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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