रक्षा मंत्रालय ने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए
अधिक जानकारी दिए बिना रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी ने कथित भूमि घोटाले की जांच के आदेश दिए हैं।
कथित घोटाला अजमेर स्थित मेयो कालेज से जुड़े होने का दावा करने वाले एक संस्थान को कुछ वर्ष पहले दार्जिलिंग के सुकना सैन्य शिविर से जुड़े एक बड़े चाय बागान की जमीन को हस्तांतरित करने के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र देने से संबंधित है।
सुरक्षा कारणों से सैन्य शिविरों के पास की जमीन को बेचने से पहले सेना से अनापत्ति प्रमाण-पत्र हासिल करना अनिवार्य होता है। घोटाले की जांच में आर्मी स्टाफ के डिप्टी चीफ पद के लिए चयनित लेफ्टिनेंट जनरल पी.के.रथ और वर्तमान सैन्य सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अवधेश प्रकाश का नाम कथित रूप से संदेह के घेरे में आया है।
सेना ने पहले अनापत्ति प्रमाण-पत्र देने से इंकार कर दिया था लेकिन बाद में वरिष्ठ अधिकारियों ने इस फैसले को बदल दिया।
इस घटना की जांच का पहले की आदेश दे चुकी सेना ने दावा किया है कि जांच प्रक्रियागत गड़बड़ियों की होगी और यह किसी व्यक्ति के खिलाफ निर्देशित नहीं है।
उल्लेखनीय है कि एंटनी ने बुधवार को कहा था कि दोषी पाए जाने पर किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा, क्योंकि सेना में भ्रष्टाचार पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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